ईरान ने हाल ही में घोषणा की है कि यदि अमेरिका अपना सैन्य दबाव कम कर दे और ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटा ले, तो वह महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (होर्मुज जलडमरूमध्य) को महज सात दिनों के अंदर फिर से खोलने के लिए तैयार है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान की ओर से (Iran Hormuz Strait Proposal) यह प्रस्ताव 16 सितंबर को बिचौलियों के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचाया गया था. इस खबर के सामने आते ही ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है और ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है.
Iran Hormuz Strait Proposal – होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का वह अहम समुद्री मार्ग है जहाँ से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. दुनिया की कुल खपत का लगभग पाँचवाँ हिस्सा तेल और एलएनजी इसी रास्ते से होकर जाता है. जानकारों का कहना है कि इस रास्ते के पूरी तरह खुलने और तेल के दाम घटने से भारत जैसे बड़े आयातक देश को बड़ी राहत मिलेगी. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स और रेलिगेयर ब्रोकिंग के विशेषज्ञों के अनुसार, इस सकारात्मक घटनाक्रम से भारतीय शेयर बाजार लंबे समय से चल रहे स्थिरता के दौर (कंसोलिडेशन फेज) से बाहर निकलकर अच्छी बढ़त दिखा सकता है.
सोने की कीमतों और क्रूड ऑयल पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से तेल की कीमतें कम होंगी, जिससे महंगाई का दबाव घटेगा और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका कम होगी, जो सोने के बाजार के लिए सकारात्मक है.आंकड़ों पर नजर डालें तो 15 सितंबर के बाद इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड के दाम 10% से अधिक घटकर 98.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं, जबकि अमेरिकी क्रूड (WTI) की कीमतों में भी करीब 11% की गिरावट दर्ज की जा चुकी है और यह 89.48 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है.
