इंदौर। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इंदौर को नर्मदा के चौथे चरण की सौगात दी है। दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने इसका भूमिपूजन किया। इस दौरान शहर के सभी विधायक कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस चरण के बाद इंदौर में करीब ढाई लाख नए नर्मदा कनेक्शन हो सकेंगे।
इससे पहले सिरपुर क्षेत्र में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का फीता भी मुख्यमंत्री ने काटा। दशहरा मैदान पर आयोजित होने वाले संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के तहत लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है।
शुद्ध जल का नई आबादी तक विस्तार
नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के साथ ही शुद्ध पेयजल की सुविधा का विस्तार शहर सीमा में शामिल हुई नई आबादी तक पहुंचने जा रहा है। चौथे चरण के साथ ही इंदौर को मिलने वाले नर्मदा जल की मात्रा 885 एमएलडी हो जाएगी। नर्मदा परियोजना में 70 कि.मी. दूर से पंपिंग कर शहर को नर्मदा जल प्रदाय किया जाता है। प्रथम चरण वर्ष 1978 तथा द्वितीय वर्ष 1992 में क्रियान्वित हुआ।
दो चरणों में 90-90 एम.एल.डी. यानी कुल 180 एम.एल.डी. पानी इंदौर को मिला। बढ़ती हुई जनसंख्या एवं पानी की आवश्यकता को देखकर 2006-2010 के दौरान प्रोजेक्ट उदय के अंतर्गत 360 एम.एल.डी. क्षमता के नर्मदा तृतीय चरण की योजना का क्रियान्वयन हुआ। इस तरह शहर को अभी नर्मदा का 540 एम.एल.डी. पानी मिल रहा है।
2014 में इंदौर की नगरीय सीमा क्षेत्र को बढ़ाया गया। 2040 तक इंदौर की आंकलित जनसंख्या 58.70 लाख होने के आसार है। ऐसे में शहर में 1209 एम.एल.डी. पानी की आवश्यकता होगी। चौथे चरण में अमृत 2.0 योजना के क्रियान्वयन के बाद शहरीय जलापूर्ति वर्तमान 580 एम.एल.डी. से बढ़कर 885 एम.एल.डी. हो जाएगी।


