धार: मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित सरकारी इमामबाड़े को लेकर चल रहे विवाद पर इंदौर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। मोहर्रम के त्योहार के मद्देनजर अदालत ने मुस्लिम पक्ष को बड़ी राहत देते हुए इमामबाड़े में ताजिया निर्माण और अन्य पारंपरिक कार्यक्रमों की अनुमति प्रदान कर दी है। कोर्ट ने प्रशासन को 1 जुलाई तक इमामबाड़े की चाबियां याचिकाकर्ताओं को सौंपने के आदेश दिए हैं।
📜 क्या था धार इमामबाड़े का विवाद?
धार का यह इमामबाड़ा पिछले कुछ समय से विवादों में था। पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग ने यहां मोहर्रम के कार्यक्रमों पर आपत्ति जताते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद याचिकाकर्ता मोहम्मद सिद्दीकी ने हाईकोर्ट में शरण ली। याचिका में तर्क दिया गया कि वर्षों से यहां मोहर्रम के कार्यक्रम होते आ रहे हैं, जिसे अचानक प्रतिबंधित करना उचित नहीं है।
👮 सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
हाईकोर्ट के आदेश के बाद धार प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। शहर में लगभग 130 ताजिए निकाले जाएंगे, जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा गया है। शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के लिए 6 डीएसपी (DSP) और 350 पुलिस जवानों की तैनाती की गई है, ताकि मोहर्रम के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।
📅 आगे भी जारी रहेगी कानूनी प्रक्रिया
हालांकि अदालत ने वर्तमान मोहर्रम आयोजनों के लिए अनुमति दे दी है, लेकिन इमामबाड़े के स्वामित्व और उपयोग से जुड़े विवाद पर कानूनी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई के बाद होगी, जिसमें दोनों पक्षों के तर्कों को विस्तार से सुना जाएगा। फिलहाल, कोर्ट का यह अंतरिम फैसला मुस्लिम समुदाय के लिए उत्सव के समय एक बड़ी राहत बनकर आया है।


