नई दिल्ली में AI Impact Summit के मौके पर अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसमें भारत-यूएई के बीच तकनीक, निवेश और रणनीतिक सहयोग को और तेज करने पर जोर दिया गया. बैठक में साफ संकेत मिला कि अब द्विपक्षीय रिश्तों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस टेक्नोलॉजी प्रमुख स्तंभ बनकर उभर रहे हैं.
क्राउन प्रिंस शेख खालिद 18-19 फरवरी के भारत दौरे पर हैं और 19 फरवरी को दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit में हिस्सा लेने पहुंचे. यह उनका दूसरा आधिकारिक भारत दौरा है, इससे पहले वे 2024 में भी भारत आ चुके हैं. समिट के इतर प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी मुलाकात को दोनों देशों के बढ़ते तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और राजनीतिक, व्यापार, ऊर्जा, निवेश और लोगों के बीच मजबूत संबंधों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई. खास तौर पर CEPA समझौते के चार साल पूरे होने के संदर्भ में व्यापार और निवेश में आई तेजी पर संतोष जताया गया.
पीएम मोदी और क्राउन प्रिंस शेख खालिद के बीच बैठक
बातचीत में यूएई के सॉवरेन वेल्थ फंड्स के भारत में निवेश बढ़ाने, नई फंड इकाइयों की संभावनाओं और रणनीतिक क्षेत्रों में संयुक्त निवेश पर भी चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को विस्तार देने पर सहमति जताई.
दौरे के दौरान कई ठोस पहलें भी सामने आईं. स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भारत और यूएई के बीच स्वास्थ्य व चिकित्सा सहयोग पर समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप दिया गया, जिससे रिसर्च, डिजिटल हेल्थ और फार्मा सेक्टर में संयुक्त काम को बढ़ावा मिलेगा.
इसके अलावा, सी-डैक, G42 और मोहम्मद बिन जायद यूनिवर्सिटी ऑफ AI के साथ भारत में सुपरकंप्यूटर क्लस्टर तैनात करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है. यह क्लस्टर AI इंडिया मिशन के तहत सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के लिए रिसर्च और एप्लिकेशन डेवलपमेंट में इस्तेमाल किया जाएगा, जो भारत की AI क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
टेक्नोलॉजी-ड्रिवन साझेदारी को बढ़ाने की पहल
वित्तीय सहयोग के तहत गुजरात के GIFT सिटी में अबू धाबी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी का दफ्तर खोलने की पहल का भी स्वागत किया गया, जिससे फाइनेंशियल कनेक्ट और निवेश प्रवाह को और मजबूती मिलने की उम्मीद है.
क्राउन प्रिंस ने AI Impact Summit की सफलता पर प्रधानमंत्री को बधाई दी, जबकि भारत ने भविष्य में स्विट्जरलैंड और उसके बाद यूएई द्वारा AI समिट की मेजबानी की पहल का समर्थन किया.
कुल मिलाकर, यह दौरा सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी-ड्रिवन साझेदारी को आगे बढ़ाने की रणनीतिक कवायद के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें AI, निवेश और हाई-टेक सहयोग भारत-यूएई संबंधों के नए केंद्र बिंदु बनते नजर आ रहे हैं.


