चंडीगढ़पंजाब सरकार ने अब तक अपने प्रमुख प्रोजेक्ट ‘जीवनजोत’ और ‘जीवनजोत 2.0’ के तहत 704 बच्चों को बाल भिक्षावृत्ति के चंगुल से मुक्त करवाया है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं (preparation for strict action) बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट जीवनजोत’ जुलाई 2024 से पूरे पंजाब में लागू किया गया है। यह योजना जिला प्रशासन द्वारा हर महीने के दूसरे सप्ताह में चलाए जाने वाले बचाव अभियानों पर केंद्रित है।

preparation for strict action – भिक्षा मांगने से मुक्त करवाए गए बच्चों का उनकी आयु, योग्यता और दस्तावेजों की उपलब्धता के अनुसार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत पुनर्वास किया जा रहा है। मंत्री ने आगे बताया कि मानव तस्करी और संगठित भिक्षा गिरोहों पर रोक लगाने के लिए सरकार ने ‘प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0’ शुरू किया है। इस पहल के तहत बचाए गए बच्चों और उनके साथ आए वयस्कों के संबंधों की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट किए जाते हैं। यदि डीएनए रिपोर्ट मेल नहीं खाती, तो अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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