जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़): शिक्षिका द्वारा शासकीय विद्यालय परिसर में अंधविश्वास को बढ़ावा देने और मासूम छात्र-छात्राओं पर मानसिक दबाव बनाकर अपनी गुम हुई सोने की बाली खोजने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।
बलौदा विकासखंड के काठापाली गांव की प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षिका के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को त्वरित जांच एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) द्वारा प्रेषित विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शिक्षिका गीता कुंभकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
📿 “बाली नहीं दी तो होगी बीमारी”: लाल कपड़ा, नारियल और तंत्र-मंत्र से बच्चों को डराने का खौफनाक प्रयास
काठापाली गांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका गीता कुंभकार का एक शर्मनाक वीडियो वायरल हुआ था।
31 जुलाई को सामने आए इस वीडियो में शिक्षिका अपने कान की खोई हुई सोने की बाली ढूंढने के लिए तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास का सहारा लेती नजर आई। शिक्षिका कक्षा में लाल कपड़ा, मौली धागा, नारियल और चावल लेकर बच्चों के समीप पहुंची। उसने बच्चों से पूजा सामग्री को स्पर्श कराया और डराते हुए कहा कि ‘जिसे भी बाली के बारे में पता है वह बता दे, अन्यथा तंत्र-मंत्र के कारण बच्चों को उल्टी, दस्त और गंभीर बीमारियां घेर लेंगी।’ शिक्षिका की इस हरकत से मासूम बच्चे बुरी तरह सहम गए और उन्होंने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद हड़कंप मच गया।
❌ कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब, बीईओ कार्यालय बलौदा में किया गया अटैच
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के आदेश पर बलौदा बीईओ ने प्राथमिक शाला काठापाली में पदस्थ शिक्षिका गीता कुंभकार को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया था।
निर्धारित समयावधि में शिक्षिका द्वारा कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही, पदीय दायित्वों के विपरीत आचरण और अंधविश्वास फैलाने के गंभीर आरोपों की पुष्टि होने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिका को तत्काल निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बलौदा नियत किया गया है।
📝 निलंबन आदेश में लिपिकीय त्रुटि, वायरल वीडियो की तिथि में सुधार कर नया आदेश जारी
जांजगीर-चांपा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी शुरुआती निलंबन आदेश में एक बड़ी लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) सामने आई थी।
दरअसल, शासकीय प्राथमिक शाला काठापाली की शिक्षिका का तंत्र-मंत्र करते वायरल वीडियो 31 जुलाई का था, किंतु आदेश में गलती से 31/07/2026 के स्थान पर आगामी तिथि 31/08/2026 अंकित हो गई थी। मामला संज्ञान में आते ही डीईओ अशोक सिन्हा ने पुरानी त्रुटिपूर्ण आदेश कॉपी को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया और तिथि में संशोधन (31/08/26 के स्थान पर सही तारीख 31/07/26) करते हुए संशोधित निलंबन आदेश जारी कर दिया।


