एसएसपी साहब एक व्यक्ति मोरहाबादी से ओरमांझी की तरफ जा रहा है. उसकी गाड़ी में अवैध हथियार हैं. झारखंड की रांची पुलिस को हथियार रखने की गुप्त सूचना मिली. इसके आधार पर ओरमांझी थाना की पुलिस द्वारा चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान निरंजन कुमार नाम के एक व्यक्ति को रोका गया. फिर उनकी मोटरसाइकिल (information given to police) की तलाशी ली गई तो डिक्की से हथियार और गोलियां बरामद हुईं.

इसके बाद ओरमांझी थाना की पुलिस ने रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के देवी मंडप रोड के रहने वाले निरंजन कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में निरंजन कुमार ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि ये हथियार उनके नहीं है. हथियार उनकी बाइक की डिक्की में कहां से आए उनको ये भी मालूम नहीं है.

फिर क्या था सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीरों ने पूरे प्लांड क्राइम सीन का भंडाफोड़ कर दिया. दरअसल, ये पूरा प्लान झारखंड के गढ़वा जिले के रहने वाले आशीष कुमार पांडे और राहुल कुमार तिवारी ने अपने ही पार्टनर निरंजन कुमार को फंसाने के उद्देश्य से बनाया. दोनों ने जमीन कारोबार में हुए मामूली विवाद के बाद निरंजन कुमार को फंसाने के उद्देश्य से पहले उनको मोरहाबादी बुलाया. फिर सात हजार में खरीदी गई पिस्तौल और गोलियां सुंयोजित षड्यंत्र के तहत निरंजन कुमार की मोटरसाइकिल की डिक्की में रख दी.

information given to police – उन्होंने बताया कि इस सौदेबाजी में आशीष पांडेय को प्रॉफिट में से निरंजन कुमार को 10 लाख रुपए देने थे, लेकिन उसके मन में बईमानी आ गई. वह निरंजन को 10 लाख रुपया नहीं देना चाहता था. वो मुनाफे के सारे रुपये अकेले हड़पना चाहता था. इसके लिए आशीष कुमार पांडे ने अपने दोस्त राहुल तिवारी के साथ मिलकर पहले जमीन कारोबार में साझेदार निरंजन कुमार को मिलने के बहाने रांची के मोरहाबादी क्षेत्र के एक होटल के पास बुलाया. फिर धोखे से उनकी बाइक की डिक्की में पिस्तौल और गोलियां रख दींं.

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