वाराणसी में मणिकर्णिका घाट विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. आज वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल मीडिया के साथ कुम्भा महादेव मंदिर पर पहुंचे ही थे कि मणिकर्णिका घाट पर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे होल्कर सेना के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बाहर निकालना शुरू कर दिया. कार्यकर्ताओं और पुलिस के जवानों (protest at Manikarnika ghat) में कहासुनी हुई. इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए लाठी चला दिया. मणिकर्णिका घाट से चौक थाने के बीच वाली गली में पुलिस ने कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ा कर मारा.
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ACP दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि होल्कर सेना के कार्यकर्ताओं के पास धरना-प्रदर्शन करने की कोई अनुमति नहीं थी. ये लोग मना करने के बावजूद सुनने के लिए तैयार नहीं थे और ऊपर से हिंसक हो रहे थे. ऐसे में पुलिस को हलका बल प्रयोग करना पड़ा. अहिल्या बाई होल्कर की मूर्ति टूटने के विरोध में पाल समाज के लोग और होल्कर सेना के कार्यकर्ता ये प्रदर्शन करने मणिकर्निका घाट पहुंचे थे. पाल समाज के राम जतन पाल बाद में, जिनको हिरासत में लिया गया.
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protest at Manikarnika ghat – वहीं वाराणसी कमिश्नरेट के सोशल मीडिया सेल ने मीडिया को जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक, “आज दिनांक 19.01.2026 को थाना क्षेत्र चौक अन्तर्गत बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थल पर नारेबाजी एवं धरना प्रदर्शन करने से रोकने पर भीड़ द्वारा उग्र होकर पुलिस से अभद्रता एवं धक्का-मुक्की की गई, जिसके संबंध में थाना चौक में 18 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है.”

