दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़): जिले के कई सुदूर गांवों में स्वतंत्रता दिवस 2026 का राष्ट्रीय पर्व ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षणों का गवाह बना। वर्षों तक नक्सली आतंक और भय के साए में रहे थाना किरंदुल क्षेत्र के कई गांवों में पहली बार आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। निर्भय और शांतिपूर्ण वातावरण में अपने ही आंगन में तिरंगे को लहराते देख ग्रामीणों, युवाओं और बच्चों के चेहरों पर असीम गर्व, उत्साह और खुशी की लहर देखने को मिली।

🚩 पुरंगेल और लोहागांव समेत इन 5 गांवों में शान से फहराया गया राष्ट्रीय ध्वज

नक्सल प्रभाव से पूरी तरह मुक्त होने के बाद पहली बार तिरंगा फहराने वाले प्रमुख गांव:

  • पुरंगेल

  • लोहागांव

  • बड़ेपल्ली

  • बेंगपाल

  • गिरसापारा (ग्राम पंचायत गुमलनार)

पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा चंद्रमोहन सिंह के विशेष मार्गदर्शन में इन पांचों गांवों में स्वतंत्रता दिवस समारोह जनभागीदारी के साथ धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस बल के जवान, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा तथा बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे शामिल हुए।

🎵 सामूहिक राष्ट्रगान से गूंजी वादियां, ग्रामीणों में दिखा देशभक्ति का नया उत्साह

ध्वजारोहण के उपरांत सभी उपस्थित ग्रामीणों और जवानों ने एक सुर में सामूहिक राष्ट्रगान का गायन किया।

देशभक्ति के तरानों, बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और ग्रामीणों की उमंग ने पूरे आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने भावुक होते हुए कहा कि अब वे स्वयं को भयमुक्त, सुरक्षित और विकास की मुख्यधारा से जुड़ा महसूस कर रहे हैं तथा जीवन में पहली बार राष्ट्रीय पर्व इतने आत्मविश्वास और उल्लास के साथ मना रहे हैं।

🍬 पुलिस जवानों ने बांटी मिठाई, बच्चों को दी गई खेल सामग्री

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा ग्रामीणों और बच्चों के बीच मिठाइयां वितरित की गईं।

इसके साथ ही बच्चों को सकारात्मक गतिविधियों, शिक्षा और खेलों की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार की खेल सामग्री बांटी गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी बुनियादी आवश्यकताओं, समस्याओं और सुझावों को जाना तथा उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

🛡️ साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक चेतना पर जागरूकता अभियान

इस विशेष अवसर पर ग्रामीणों के सामाजिक उत्थान के लिए विभिन्न जागरूकता सत्रों का भी आयोजन किया गया:

  • साइबर सुरक्षा: ऑनलाइन ठगी और डिजिटल फ्रॉड से सतर्क रहने के उपाय बताए गए।

  • नशामुक्ति: युवाओं और ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रहने की सलाह दी गई।

  • सड़क सुरक्षा व सौहार्द: यातायात नियमों का पालन करने और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था व सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की गई।

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