Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ईरान के पास 10 परमाणु बम बनाने लायक यूरेनियम, IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने जारी किया अलर्ट
    • मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों के लिए ‘ऑपरेशन होम’! एयर इंडिया और इंडिगो की स्पेशल फ्लाइट्स आज से शुरू
    • भारत में गैस किल्लत का असर फास्ट फूड इंडस्ट्री पर, McDonald’s-KFC में मेनू छोटा करने की तैयारी
    • अमेजन ने लॉन्च किया एआई डॉक्टर, घर बैठे मिलेगा डायबिटीज और स्किन केयर टिप्स
    • आज मनाया जा रहा है बसौड़ा, जानें शुभ मुहूर्त, और शीतला माता को बासी भोजन चढ़ाने की सही परंपरा
    • ईद लुक को परफेक्ट बनाने के लिए ये एक्सेसरीज हैं लाजवाब, कश्मीरी चूड़ियों और हाथफूल का बढ़ा क्रेज
    • पूर्णिया में रिश्तों का कत्ल! हैवान ससुर ने गर्भवती बहू से की दरिंदगी की कोशिश, फिर मार डाला
    • ग्रेटर नोएडा में फिर मातम: 13वीं मंजिल से कूदी MBA छात्रा! सुसाइड से पहले रात को हुई थी ये बात
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Wednesday, March 11
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला! 12 साल से कोमा में थे हरीश राणा, अब मिलेगी ‘इच्छामृत्यु’; मौत की अर्जी पर अदालत ने लगाई मुहर

    सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला! 12 साल से कोमा में थे हरीश राणा, अब मिलेगी ‘इच्छामृत्यु’; मौत की अर्जी पर अदालत ने लगाई मुहर

    March 11, 2026 देश 2 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार को अपने एक फैसले के तहत 31 साल के आदमी को पैसिव यूथेनेशिया की इजाजत दे दी, जो 12 साल से अधिक समय से कोमा में है. इसके लिए कोर्ट ने उसका आर्टिफिशियल लाइफ सपोर्ट हटा दिया. पैसिव यूथेनेशिया एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी मरीज को जान-बूझकर मरने दिया जाता है, इसके लिए उसे लाइफ सपोर्ट या जिंदा रखने के लिए जरूरी इलाज रोक दिया जाता है या हटा दिया जाता है.

    देश की सबसे बड़ी अदालत ने गाजियाबाद के 32 साल के हरीश राणा के लिए निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी है. बेटे की मौत की गुहार लगाते हुए पिता ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच यह फैसला सुनाया.

    इच्छामृत्यु की मांग वाली याचिका पर जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा, “ईश्वर किसी मनुष्य से यह नहीं पूछता कि वह जीवन को स्वीकार करता है या नहीं, जीवन उसे लेना ही पड़ता है, ये Henry David Thoreau के शब्द हैं, जिनका विशेष महत्व तब उभरकर सामने आता है जब अदालतों के समक्ष यह सवाल आता है कि क्या किसी व्यक्ति को मरने का विकल्प चुनने का अधिकार है. इसी संदर्भ में विलियम शेक्सपीयर का प्रसिद्ध कथन — To be, or not to be — अर्थात् जीना या न जीना — भी इस दार्शनिक और विधिक विमर्श को गहराई प्रदान करता है.”

    हरीश राणा पिछले 12 सालों से बैड पर थे और अब उन्हें इच्छामृत्यु के तहत मौत दी जाएगी. इच्छामृत्यु के तहत मौत गरिमापूर्ण मृत्यु के अधिकार को मान्यता देने वाले 2018 के कॉमन कॉज फैसले का पहला न्यायिक कार्यान्वयन है. सुप्रीम कोर्ट के बेंच के फैसले से पहले कोर्ट की ओर से गठित 2 चिकित्सा बोर्डों ने अपनी रिपोर्ट दी थी कि हरीश के ठीक होने की कोई संभावना नहीं है.

    गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले हरीश के माता-पिता की ओर से दाखिल याचिका के मुताबिक, वह पिछले 12 साल से ज्यादा समय से बिस्तर पर ही सांसें ले रहा है. इस दौरान हरीश को तरल भोजन दिया जाता है.

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    गैस सिलेंडर के लिए हाहाकार! चूहों की तरह लाइनों में लगे लोग, ऑनलाइन बुकिंग भी फेल; जानें क्यों आई ‘LPG’ की भारी किल्लत और क्या हैं नए नियम?

    UCC पर सुप्रीम कोर्ट का ‘सुप्रीम’ फैसला! केंद्र को बड़ी टिप्पणी—”अब समय आ गया है, देश में लागू हो समान नागरिक संहिता”

    राहुल गांधी के बचाव में उतरीं प्रियंका गांधी, बोलीं- ‘निडर’ हैं मेरे भाई; संसद में सरकार और विपक्ष के बीच जोरदार भिड़ंत

    एक्टर विजय को सीबीआई से राहत, करूर हादसे में पूछताछ के लिए फिर बुलाया जाएगा; जानें क्या है पूरा विवाद?

    राहुल गांधी को गिरिराज सिंह ने बताया ‘नकली गांधी’, नागरिकता और LoP की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल

    Mission 2029: संसद में महिलाओं की होगी ‘बल्ले-बल्ले’! 33% आरक्षण के साथ बढ़ेगा प्रतिनिधित्व

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.