छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक महिला की हत्या कर दी गई थी. इसके बाद आरोपी ने महिला की पहचान न हो पाए, उसके शव को आग लगाकर जला दिया था. अब घटना के 10 महीने बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. महिला अपनी बड़ी बहन के घर से मेला देखकर वापस लौट रही थी. तभी उसने रास्ते में एक शख्स से (heart wrenching incident) लिफ्ट मांगी. आरोपी शख्स ने उसे लिफ्ट दी और बहाने से उसे अपने साथ ले गया. फिर एक मकान में उसे करीब डेढ़ महीने तक साथ रखा और फिर जब उसने जाने की जिद की तो उसकी हत्या कर उसके गहने लूट लिए.
मृतका की पहचान 55 साल की सुनीता रजक के रूप में हुई है, महासमुंद के पटेवा गांव में मड़ई मेला देखने के लिए अपनी बड़ी बहन के घर गई थी, लेकिन वापस आते वक्त वह लापता हो गई थी, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई. परिजन ने पटेवा थाने में महिला के गुमशुदा होने की जानकारी दी और रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने भी महिला की तलाश शुरु कर दी.
इसके बाद 2 अप्रैल 2025 को एक महिला का शव कोडार डैम के पास सागौन जंगल में मिला. शव की हालत बहुत खराब थी, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और सैंपल लेकर उसका DNA टेस्ट कराया गया तो पता चला कि वह सुनीला रजक का ही शव था, जो धमतरी की रहने वाली थी. इसके बाद उनके परिजन को जानकारी दी गई और उन्होंने बताया कि सुनीता अपनी बहन के घर से लौटते हुए गायब हो गई थी.
heart wrenching incident – पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो सामने आया कि महिला ने खल्लारी थाना क्षेत्र के खुंटेरी गांव के रहने वाले सूरज ध्रुव से ही लिफ्ट ली थी, जो उसे अपने साथ नौकरी और गहने दिलाने का झांसा देकर ले गया था. उसने पूछताछ में पुलिस को बताया कि 30 जनवरी को उसने पटेवा बस्ती के नंदी चौक के पास सुनीता को बाइक से लिफ्ट दी थी. उसने सुनीता से कहा कि वह उसे महासमुंद छोड़ देगा, लेकिन फिर उसे कोडार डैम में घुमाने के ले गया.


