ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित सिंधिया राजघराने की लगभग 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य की विशाल संपत्ति के ऐतिहासिक विवाद में मंगलवार को जिला न्यायालय में एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। इस सुनवाई के दौरान सिंधिया परिवार के दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित महासमझौते (property dispute of Scindia Royal Family) के साथ-साथ उत्तराधिकार और ऐतिहासिक ज्येष्ठाधिकार से जुड़े कानूनी पहलुओं पर अदालत विस्तार से विचार करेगी।
property dispute of Scindia Royal Family – केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व मंत्री यशोधरा राजे और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा विभिन्न अदालतों में प्रस्तुत फैमिली सेटलमेंट के बीच, ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ (स्वर्गीय पद्माराजे सिंधिया) की पुत्री प्रतिमा देवी ने अदालत में कैविएट (Caveat) दाखिल कर दी है। प्रतिमा देवी ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित समझौते में उनके वैधानिक और उत्तराधिकार के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए उनका पक्ष सुने बिना कोई भी अंतिम आदेश पारित न किया जाए।
प्रतिमा देवी की कैविएट से फंसा कानूनी पेच
प्रतिमा देवी द्वारा ऐन वक्त पर कैविएट दायर किए जाने से इस दशकों पुराने हाई-प्रोफाइल संपत्ति विवाद में एक नया कानूनी मोड़ आ गया है। अब कानूनी जानकारों और मीडिया की नजरें आज जिला अदालत में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें प्रतिमा देवी या उनके अधिवक्ताओं के व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।


