बेंगलुरु की एक कोर्ट ने कल सोमवार को जनता दल (सेकुलर) के विधायक और पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना को पिछले साल 2024 में दर्ज किए गए यौन उत्पीड़न मामले से बरी कर दिया है. उनके खिलाफ (HD Revanna acquitted) मामला रद्द करने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए, कर्नाटक हाई कोर्ट ने पहले यह केस ट्रायल कोर्ट को यह विचार करने के लिए भेजा था कि शिकायत दर्ज करने में हुई 4 साल की देरी को माफ किया जा सकता है या नहीं.

अपने फैसले में मजिस्ट्रेट शिवकुमार ने कहा, “शिकायत दर्ज करने में हुई देरी को माफ करने या आरोपी (एचडी रेवन्ना) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354A के तहत दंडनीय अपराध के संबंध में केस शुरू करने को लेकर यह सही नहीं है. सीआरपीसी की धारा 473 के अनुसार, कोर्ट आरोपी नंबर 1 के खिलाफ IPC की धारा 354A के तहत दंडनीय उक्त अपराध का संज्ञान लेने से मना करती है.

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रेवन्ना और उनके बेटे प्रज्वल के खिलाफ यौन शोषण के मामले तब सामने आए जब कई महिलाओं के यौन उत्पीड़न को दर्शाने वाले 2,900 से अधिक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए. पिछले साल 2024 में केस दर्ज किया गया था. प्रज्वल मामले में शिकायतकर्ताओं में से एक महिला ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के बेटे एच डी रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था.

 HD Revanna acquitted – ये आरोप हसन जिले के गन्नीकाडा में उनके फार्महाउस में काम करने वाली महिला की ओर से लगाए गए थे. इससे जुड़ा मामला पिछले साल 2024 की शुरुआत में होलेनारसीपुर टाउन थाने में दर्ज किया गया था. रेवन्ना के बेटे प्रज्वल पर भी इसी मामले में रेप का आरोप है और ट्रायल अभी शुरू होना बाकी है.

 

 

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