रांची, देवघर, चतरा : हजारीबाग के विष्णुगढ़ में एक किशोरी की बलि पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. राजनीतिक पार्टियां इस घटना को समाज पर कलंक बता रही हैं. वहीं (Hazaribagh Minor Sacrifice Case) राजनीतिक बयानबाजी भी हो रही है.
आम आदमी पार्टी ने इस घटना की निंदा करने के लिए रांची में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने यह भी मांग की कि राज्य अंधविश्वास और नरबलि जैसी बुरी प्रथाओं के खिलाफ सख्त कानून बनाए. आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी (विधि प्रकोष्ठ) अमित कुमार ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक आपराधिक कृत्य नहीं है, बल्कि हमारे समाज की एक बड़ी नाकामी को दिखाती है.
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उन्होंने कहा कि आजादी के इतने सालों बाद भी अगर समाज में अंधविश्वास और नरबलि जैसी घटनाएं अभी भी आम हैं, तो यह साफ तौर पर हमारे शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में गंभीर कमियों को दिखाता है. उन्होंने आगे कहा कि झारखंड में पहले से ही जादू-टोना निवारण अधिनियम लागू है, लेकिन इस कानून में नरबलि जैसे जघन्य अपराधों के लिए साफ और सख्त सजा का प्रावधान नहीं है, यही वजह है कि यह नरबलि जैसे अपराधों को रोकने में नाकाम हो रहा है.
Hazaribagh Minor Sacrifice Case – इस बीच, देवघर में झामुमो ने इस घटना को लेकर सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. झामुमो के जिला अध्यक्ष संजय कुमार शर्मा ने कहा कि यह घटना बहुत दुखद और निंदनीय है, लेकिन इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि भाजपा इस मामले पर लगातार सफाई दे रही है.


