भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 12 अक्टूबर को हरियाणा राज्य में बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं (40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा, तथा हवा के तेज झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक) के साथ आंधी-तूफान आने का भारी पूर्वानुमान जताया है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में मौसम के मिजाज में यह बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। आईएमडी द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 12 से 16 अक्टूबर के बीच हरियाणा के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। विभाग के सात दिनों के बारिश के पूर्वानुमान से स्पष्ट है कि 12 अक्टूबर को इस क्षेत्र में बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत काफी ज़्यादा रहेगी, जिसके साथ ही कई स्थानों पर तेज़ हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी पूरी उम्मीद है।

🌀 क्यों बदल रहा है मौसम और क्या है अनुमान?

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वानुमान में यह नहीं कहा गया है कि पूरे इलाके में लगातार इतनी तेज़ हवाएं चलेंगी, बल्कि यह तीव्रता कुछ खास समय और स्थानों के लिए है। मौसम में आ रहे ये बदलाव उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहे कई मौसमी तंत्रों (Systems) के कारण हो रहे हैं:

  • मौसम संबंधी विश्लेषण के मुताबिक, हरियाणा और उसके आसपास के इलाकों में समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है, जिसके प्रभाव से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

⚠️ आम नागरिकों और किसानों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

खराब मौसम की इस स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता और किसानों के लिए कुछ अहम सलाह जारी की है:

  • सावधानी: आंधी-तूफान के दौरान लोग पूरी तरह सतर्क रहें, बिजली कड़कने की स्थिति में कभी भी पेड़ों के नीचे शरण न लें और तेज हवाओं से उड़ने वाली हल्की या ढीली चीज़ों को सुरक्षित जगह बांधकर रखें।

  • किसानों के लिए सलाह: किसानों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें या उसे तिरपाल से अच्छी तरह ढककर सुरक्षित कर लें।

  • बागवानी: तेज़ हवाओं से फसलों और पौधों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए बागवानी वाली फसलों तथा कमजोर पौधों को यांत्रिक सहारा (Mechanical Support) देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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