चंडीगढ़: हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। आयोग में सदस्य का एक पद करीब दो महीनों से खाली पड़ा है। सदस्य राजेंद्र कुमार का कार्यकाल 16 अप्रैल 2026 को 62 वर्ष की आयु सीमा पूरी होने के कारण समाप्त हो गया था, जिसके बाद से यह पद रिक्त है। वर्तमान में अध्यक्ष आलोक वर्मा के नेतृत्व में चार सदस्य अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
📜 संवैधानिक प्रावधान और नियुक्ति का दायरा
संविधान के अनुच्छेद 316(1) के अनुसार, आयोग में कम-से-कम आधे सदस्य ऐसे होने चाहिए जिन्होंने केंद्र या राज्य सरकार में न्यूनतम 10 वर्ष तक सेवा दी हो। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह शर्त पूरी होती है, तो सरकार किसी भी योग्य गैर-सरकारी व्यक्ति को सदस्य बना सकती है। इसके अतिरिक्त, सरकार के पास नियमों में संशोधन कर सदस्यों की संख्या को 5 से घटाकर 4 करने का विकल्प भी उपलब्ध है, जैसा कि पूर्व में भी हो चुका है।
🔍 सचिव की पुनर्नियुक्ति से बढ़ीं अटकलें
प्रशासनिक गलियारों में अटकलें इस बात को लेकर भी हैं कि सेवानिवृत्त सचिव मुकेश आहूजा को, जिन्हें 30 जून तक पुनर्नियुक्ति दी गई है, भविष्य में आयोग का सदस्य बनाया जा सकता है। हालाँकि, सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिए गए हैं।
⏳ आने वाले महीनों में बड़े बदलाव के संकेत
आयोग की स्थिति इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि अध्यक्ष आलोक वर्मा का कार्यकाल इसी वर्ष अक्टूबर में पूरा हो रहा है। आयोग के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव और रिक्त पदों को भरने के संबंध में सरकार द्वारा लिए जाने वाले फैसले, प्रदेश की इस संवैधानिक संस्था की भावी कार्यप्रणाली तय करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फिलहाल, सभी की निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।


