संगरूर से जुड़े बाबा गुरविंदर सिंह, जिन्हें ‘खेड़ी वाले बाबा’ के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी दूसरी शादी नहीं बल्कि राजनीति में एंट्री है। उन्होंने खडूर साहिब से (which party he will join) सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ का दामन थाम लिया है, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छिड़ गई है।
पार्टी में शामिल होते वक्त बाबा गुरविंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने गहन विचार के बाद यह फैसला लिया। उनके मुताबिक, उन्होंने खुद से सवाल किया कि पंजाब के युवाओं के वोट का सही हकदार कौन है, और उन्हें जवाब अमृतपाल सिंह के रूप में मिला। उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी भी की। खेड़ी वाले बाबा ने यह भी ऐलान किया कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में पार्टी जिन उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी, वे उनके समर्थन में प्रचार करेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि, वह वह स्टांप पेपर पर लिखकर देते हैं कि, अगली बार पंजाब का मुख्यमंत्री अमृतपाल सिंह बनेगा।
which party he will join – हालांकि, इस राजनीतिक कदम को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल भी उठने लगे हैं। कई लोग इसे विरोधाभास बता रहे हैं, क्योंकि एक ओर पार्टी नशे के खिलाफ अभियान चलाने की बात करती है, वहीं बाबा गुरविंदर सिंह पहले सार्वजनिक रूप से नशे के समर्थन में बयान दे चुके हैं। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद अफीम सेवन करने की बात स्वीकार की थी, जिससे विवाद और गहरा गया है। बाबा गुरविंदर पहले भी अपने निजी जीवन और बयानों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। अब उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

