अंबाला : एक बार फिर हरियाणा सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए गेहूं का समर्थन मूल्य 160 रुपए बढ़ा दिया है जिससे किसानों की मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ किसान (subsidy and compensation) सरकार द्वारा बढ़ाए गए समर्थन मूल्य से काफी खुश है तो कुछ इसे कम बता रहे है।
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subsidy and compensation – किसानों का कहना है कि फसल पर लेबर बढ़ रही है और मार्च के महीने की शुरुआत में ही तापमान में काफी बढ़ोतरी हुई है जिससे गेहूं की फसल की पैदावार में काफी कमी आएगी। उनका कहना है कि रात के समय तापमान में गिरावट आती है और दिन में तापमान काफी बढ़ जाता है जिसकी वजह से फसल में बीमारी की संभावना बनी रहती है। किसानों का कहना है कि बढ़ते तापमान से गेहूं की फ़सल में दाना पूरी तरह से ग्रोथ नहीं कर पाएगा और जहां प्रति एकड़ से 20 से 22 क्विंटल गेहूं की फसल होती थी, अब 12से 15 क्विंटल के बीच रह सकती है।
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वहीं कुछ किसानों का कहना है कि सरकार ने जो समर्थन मूल्य बढ़ाया है, वो ठीक है लेकिन जब तक फसल पककर बिक नहीं जाती तब तक चिंता सताती रहती है कि कुछ अनहोनी न हो जाए। आने वाले समय में बारिश की भी संभावना जताई जा रही है जिस पर किसानों का कहना है कि बारिश से गेहूं की फसल को फायदा होगा। अगर बारिश अभी पड़ती है तो लेकिन अगर एक हफ्ते बाद पड़ती है तो फिर नुकसान हो सकता है। अगर ओलावृष्टि हो जाती है तो फिर काफी नुकसान होगा।


