अग्निवीर योजना के पहले बैच के सेवा काल की समाप्ति से पहले ही हरियाणा सरकार ने एक अहम और दूरगामी कदम उठाया है। राज्य में गठित की जा रही हरियाणा स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एचएसडीआरएफ) में अग्निवीरों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का स्पष्ट इरादा है कि अग्निवीरों की सैन्य ट्रेनिंग, अनुशासन (Haryana Agniveer Quota) और आपात परिस्थितियों में काम करने की दक्षता का उपयोग करते हुए एक स्पेशल स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स तैयार की जाए।
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यह फैसला न केवल आपदा प्रबंधन के लिहाज से अहम है, बल्कि अग्निवीरों के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों का भी ठोस जवाब माना जा रहा है। डिजास्टर मैनेजमेंट (संशोधन) एक्ट-2025 के तहत राज्यों को विशेष आपदा प्रतिक्रिया बल गठित करने का अधिकार मिला है। इसी क्रम में हरियाणा सरकार ने एचएसडीआरएफ के गठन की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इसको लेकर सोमवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ़ सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई।
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Haryana Agniveer Quota – बैठक में मौजूदा आपदा प्रतिक्रिया व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे एक स्थायी, पेशेवर और पूर्ण कालिक बल में बदलने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। एचएसडीआरएफ में प्राथमिकता देने के साथ-साथ हरियाणा सरकार पहले ही अग्निवीरों को फायर सर्विसेज, पुलिस, जेल विभाग, वन विभाग, माइनिंग विभाग सहित कई विभागों में नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान कर चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विधानसभा में भी ऐलान कर चुके हैं कि अग्निवीरों को सरकार स्थाई रोजगार में प्राथमिकता देगी।


