लव मैरिज करने वाली महिलाओं को अब मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के लिए मायके की याद सता रही है. अब नाराज परिजन SIR के लिए जानकारी देने से पीछे हट रहे हैं. ऐसे में लव मैरिज करने (love marriage) वालों के सामने गणना फार्म भरने की मुश्किल खड़ी हो गई है. गणना फार्म भरने के लिए घर-घर दस्तक दे रहे BLO के सामने ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. हालांकि, जिला प्रशासन सभी मतदाताओं से गणना फार्म भरने की अपील कर रहा है.
एक मामला कानपुर के किदवई नगर में रहने वाले एक युवक का है, जिसे नोएडा में नौकरी करते हुए राजस्थान की एक युवती से प्यार हो गया. लड़के के घरवाले शादी के लिए राजी हो गए, लेकिन लड़की के घरवालों ने शादी की इजाजत नहीं दी. लड़की भागकर लड़के से शादी कर कानपुर में बस गई. उसने अपने परिवार से सारे रिश्ते तोड़ दिए.
परिवार से बात नहीं कर पा रही
अब जब बीएलओ लड़की के ससुराल पहुंचे और उनसे एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने को कहा, तो लड़की को एक समस्या का सामना करना पड़ा. वह अपने परिवार से बात नहीं कर पा रही थी, और एसआईआर के लिए पिता का नाम और 2003 की वोटर लिस्ट से पहचान पत्र दिखाना जरूरी था. हालांकि, महिला ने मायके में पड़ोसियों से बात करके इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की है.
love marriage – वहीं, राजस्थान के उदयपुर शहर के राहुल ने वंदना से लव मैरिज की थी. इसके बाद से वंदना के परिवार में आना-जाना नहीं है. गणना फार्म भरने के लिए वंदना ने अपने मायके से पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन उन्होंने देने से इनकार कर दिया. बीएलओ के आग्रह पर राहुल ने पत्नी और खुद का गणना फार्म भरकर जमा करा दिया.
SIR के भंवर में फंसी महिलाएं
ये मामले इस बात की गवाही देते हैं कि प्यार के लिए घर छोड़ने वाली कई युवतियां अब SIR के भंवर में फंसी हुई हैं. अपने प्रेमियों के साथ परिवार बसाने के लिए घर छोड़ने वाली महिलाएं अब पहचान और पारिवारिक सहयोग के अभाव में अपने अधिकारों के लिए लड़ नहीं पा रही हैं. जिन विवाहित महिलाओं के माता-पिता की मृत्यु हो गई है या जो अपने पतियों से अलग रहती हैं, उनकी स्थिति तो और भी ज्यादा खराब है. उनके पास ज़रूरी दस्तावेज, पहचान संख्या या यहां तक कि उनके परिवार का बूथ नंबर भी नहीं है.
