ग्वालियर : यूजीसी, एट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग और जातिगत आरक्षण के विरोध में अब सवर्ण समाज लामबंद हो गया है. ग्वालियर में आने वाली 22 फरवरी को एक बड़ा आयोजन कर इन विषयों (upper caste community’s show of strength) को लेकर आंदोलन की रूप रेखा बनायी जाने वाली है. जिसमें शांभवी पीठ के पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप महाराज के साथ सवर्ण समाज के तमाम लोग शामिल होने वाले हैं.
कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए ग्वालियर में सवर्ण समाज समन्वय समिति (एस4) द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था. जिसमें बताया गया कि, आने वाले रविवार को होला के मंदिर स्थित एक मैरिज गार्डन में सामाजिक गोष्टी आयोजित की जा रही है. कार्यक्रम संयोजक अखिलेश पांडे और एड. आशुतोष दुबे ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि, ”लगातार एक वर्ग को फायदा देने के लिए सवर्ण समाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. जैसा की पहले एट्रोसिटी एक्ट में हुए बदलाव के समय सुप्रीम कोर्ट ने बिना जांच मुकदमा ना दर्ज करने का फैसला दिया था.
upper caste community’s show of strength – लेकिन सरकार ने बाद में उस पर अध्यादेश लाकर उसे कानून बना दिया. ठीक ऐसे ही अभी सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी पर रोक लगायी है लेकिन इस मामले में सरकार पर अब भरोसा नहीं है, वे दोबारा ऐसा कर सकते हैं. इसलिए इस गोष्ठी में यूजीसी को रोलबैक करने के लिए आगे क्या किया जाना है इस पर चर्चा की जाएगी.”
“कौन कौन सी हस्तियां होंगी शामिल
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर सवर्ण समाज समन्वय समिति (एस4) के संस्थापक और शांभवी पीठ के पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप महाराज शामिल होंगे. इनके अलावा भारत सरकार के पूर्व प्रधान आयुक्त डॉ. अनूप श्रीवास्तव, पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत, करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष राजीव सिंह चौहान भी मौजूद रहेंगे.


