बिहार के गोपालगंज जिले में शनिवार को भक्ति और इंजीनियरिंग का एक अनोखा संगम देखने को मिला. तमिलनाडु के महाबलीपुरम से आ रहा विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग जैसे ही गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड के बल्थरी चेकपोस्ट पर पहुंचा, पूरा इलाका ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा. स्थानीय लोगों के साथ-साथ (grand welcome of Mahadev) पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विशाल शिवलिंग के दर्शन और पूजा अर्चना की.
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यह शिवलिंग न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि साइंस और इंजीनियरिंग का भी एक चमत्कार है. इस विशाल शिवलिंग का वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है. भारी वजनी होने के कारण शिवलिंग को खास डिजाइन किए गए 96 पहियों वाले विशाल ट्रक से पूर्वी चंपारण जिला ले जाया जा रहा है. इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर को तराश कर बनाया गया है, जिस पर दक्षिण भारतीय नक्काशी की बारीकियां साफतौर दिखाई दे रही हैं.
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grand welcome of Mahadev – इस शिवलिंग को पूर्वी चंपारण जिले के चकिया-केसरिया मार्ग पर स्थित विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा. इस भव्य मंदिर का शिलान्यास बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के अध्यक्ष किशोर कुणाल ने 20 जून 2023 को किया गया था. विराट रामायण मंदिर की भव्यता की अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह मंदिर 120 एकड़ में फैला हुआ है. गोपालगंज से गुजरते हुए इस विशाल शिवलिंग को देखने के लिए सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है.


