मरवाही: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में मरवाही थाना क्षेत्र से हुए अपहरण और फिरौती के मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। 20 जून को पिस्टल की नोक पर अपहृत हुए गिरीश यादव को पुलिस ने ओडिशा के कोरापुट से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से हथियार और नीली बत्ती लगी गाड़ी बरामद हुई है।
🔫 20 जून को हुआ था अपहरण
ग्राम उषाढ़ निवासी गिरीश यादव (41 वर्ष) का 20 जून की सुबह 11 बजे दो अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर अपहरण कर लिया था। आरोपियों ने पिस्टल की नोक पर उसे जबरन कार में बैठाया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण, धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी और रुपये न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
📍 पुलिस की तकनीकी घेराबंदी और बरामदगी
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने बताया कि मोबाइल कॉल डिटेल, टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर जाल बिछाया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम को ओडिशा के कोरापुट में सफलता मिली।
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गिरफ्तार आरोपी: पुंडलिक केंद्रे (महाराष्ट्र), चंद्रशेखर (राजस्थान) और शेषपाल सिंह (उत्तर प्रदेश)।
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बरामद सामान: एक पिस्टल, 6 जिंदा कारतूस, 6 मोबाइल फोन और नीली बत्ती लगी स्कॉर्पियो-एन।
💊 गांजा तस्करी और पैसों का लेनदेन बना कारण
पुलिस जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है कि अपहृत गिरीश यादव स्वयं गांजा तस्करी में शामिल था। पकड़े गए तीनों आरोपी भी गांजा तस्करी से ही जुड़े हैं और उनकी दोस्ती कानपुर जेल में रहने के दौरान हुई थी। पैसों के लेनदेन के विवाद के चलते ही इस अपहरण की वारदात को अंजाम दिया गया था।
⚖️ आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गिरोह में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पकड़े गए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, और इस पूरे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए सघन पूछताछ की जा रही है।


