ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश): ग्रेटर नोएडा वेस्ट (गौर सिटी/नोएडा एक्सटेंशन) क्षेत्र में निवास करने वाले लगभग 5 लाख नागरिकों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित राहत की बड़ी खबर सामने आई है।
वर्षों से लटकी एक्वा लाइन मेट्रो विस्तार परियोजना (Aqua Line Metro Expansion Project) को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) द्वारा औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) की 48वीं बोर्ड बैठक के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक कृष्ण करुणेश द्वारा प्रस्तुत इस प्रस्ताव पर बोर्ड की मुहर लगने के उपरांत अब संबंधित फाइल अंतिम व अंतिम प्रशासनिक मंजूरी हेतु केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) को प्रेषित की जा रही है।
🚇 नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक बिछेगा 7.5 KM लंबा ट्रैक, बनेंगे 5 नए स्टेशन
इस मेट्रो विस्तार परियोजना के अंतर्गत नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक कुल 7.5 किलोमीटर लंबा नया एलिवेटेड कॉरिडोर (Elevated Track) निर्मित किया जाएगा।
इस संपूर्ण कॉरिडोर पर यात्रियों की सुविधा हेतु 5 नए आधुनिक मेट्रो स्टेशन स्थापित किए जाएंगे—सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 तथा ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4। इस नए कॉरिडोर के पूर्ण क्रियान्वित होने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट सीधे निर्बाध मेट्रो नेटवर्क से जुड़ जाएंगे, जिससे आम जनमानस को प्रतिदिन की भयावह ट्रैफिक समस्या और बढ़ते वायु प्रदूषण से स्थायी मुक्ति प्राप्त होगी।
💰 रोजाना ₹200 से ₹250 की होगी सीधी बचत, कम होगा यात्रा का बोझ
वर्तमान समय में ग्रेटर नोएडा वेस्ट से नोएडा और दिल्ली आने-जाने के लिए नागरिकों को पूरी तरह से कैब, शेयरिंग ऑटो, ई-रिक्शा अथवा निजी वाहनों पर आश्रित रहना पड़ता है।
इसके चलते यात्रियों को प्रतिदिन ₹300 से ₹400 तक का भारी व्यय करना पड़ता है और घंटों भीषण ट्रैफिक जाम में व्यतीत करने पड़ते हैं। मेट्रो सेवा के विधिवत संचालन के उपरांत यह दैनिक यात्रा व्यय घटकर मात्र ₹100 से ₹150 के मध्य सिमट जाएगा, जिससे नौकरीपेशा वर्ग, अध्ययनरत विद्यार्थियों तथा स्थानीय व्यापारियों को प्रति माह भारी वित्तीय राहत पहुंचेगी।
🏗️ 2 साल की समयसीमा और ₹1500 करोड़ का अनुमानित बजट, केंद्रीय मंजूरी के बाद शुरू होगा निर्माण
एनएमआरसी ने इस संपूर्ण मेट्रो विस्तार प्रोजेक्ट को आगामी 2 वर्षों की निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस रूट के ढांचागत निर्माण पर लगभग ₹1,500 करोड़ का व्यय आने का अनुमान लगाया गया है। इस दूरगामी प्रोजेक्ट में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, नोएडा प्राधिकरण तथा ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण (GNIDA) संयुक्त रूप से वित्तीय हिस्सेदारी निभाएंगे। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय से अंतिम हरी झंडी मिलते ही धरातल पर निर्माण कार्य तीव्र गति से आरंभ कर दिया जाएगा।


