नई दिल्ली : ईरान-अमेरिका में लगातार बढ़ते सैन्य तनाव और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट पर बने गहरे संकट ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई चेन को हिलाकर रख दिया है। खाड़ी में युद्ध जैसे हालातों के बाद कई प्रमुख देशों के सामने कच्चे तेल का गंभीर संकट गहराता जा रहा है। इसी वैश्विक उथल-पुथल के (Venezuela becomes third largest oil supplier) बीच वेनेजुएला भारत के लिए एक बेहद मजबूत और अहम वैकल्पिक स्रोत बनकर उभरा है। ताज़ा एनर्जी ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, इस महीने वेनेजुएला भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर देश बन गया है।
Venezuela becomes third largest oil supplier – आधिकारिक डेटा के अनुसार, पिछले महीने यानी अप्रैल के मुकाबले मई में भारत को वेनेजुएला से होने वाली कच्चे तेल की सप्लाई में करीब 50 फीसदी का तगड़ा उछाल देखा गया है। ऐसे समय में जब मध्य-पूर्व या खाड़ी देशों (Middle East) से भारत आने वाली तेल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, भारतीय रिफाइनरी कंपनियां वैकल्पिक देशों से तेल आयात बढ़ाने के प्रयासों में युद्ध स्तर पर जुट गई हैं।
🛢️ भारत के लिए क्यों संजीवनी है वेनेजुएला का कच्चा तेल?
भारत और वेनेजुएला के बीच कच्चे तेल का यह द्विपक्षीय कारोबार कोई नया नहीं है। साल 2019 में प्रतिबंध लगने से पहले तक वेनेजुएला भारत के शीर्ष तेल सप्लायर्स की सूची में शामिल था। बाद में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत ने वहां से खरीद कम कर दी थी। तकनीकी रूप से, वेनेजुएला का ‘भारी कच्चा तेल’ (Heavy Crude Oil) खास तौर पर गुजरात के जामनगर में स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की विश्वस्तरीय हाई-टेक रिफाइनरी के लिए बेहद उपयुक्त और फायदेमंद माना जाता है। यही वजह है कि स्थितियां अनुकूल होते ही भारतीय रिफाइनरियों ने फिर से वहां से आयात बढ़ाना शुरू कर दिया है।
