भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 25 मई को 11 दिनों में चौथी बार बढ़ीं। इस दौरान देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 7.35 रुपये और डीजल के दाम में 7.53 रुपये प्रति लीटर का इजाफा देखने को मिला। इसका मतलब है कि इस दौरान पेट्रोल में 7.7 फीसदी और डीजल की कीमत में 8.6 फीसदी से ज्यादा की (Fuel Price Hike) बढ़ोतरी देखने को मिली। अगर इस बढ़ोतरी की तुलना दुनिया के बाकी देशों से करें तो यह काफी कम है। खाड़ी देशों को छोड़ दिया जाए तो दुनिया के बाकी बड़े और छोटे देशों के मुकाबले में भारत ने फ्यूल की कीमत में काफी कम इजाफा किया है। 

📊 अमेरिका में 44% और पाकिस्तान में 55% बढ़े दाम 

खास बात तो ये है कि दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले में भारत ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में काफी कम इजाफा किया है। इसकी तुलना करना भी बेकार है। भारत में पेट्रोल की कीमतों में हुई 7.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी जापान (9.7 प्रतिशत) से कम है। यह हर यूरोपीय अर्थव्यवस्था से कम है, हर दक्षिण एशियाई पड़ोसी देश से कम है और अमेरिका (44.5 प्रतिशत) से भी काफी कम है। म्यांमार ने पंप की कीमतों में लगभग 90 प्रतिशत की बढ़ोतरी की, जबकि पाकिस्तान ने 55 प्रतिशत की भारी वृद्धि की। वैश्विक औसत बढ़ोतरी 22.4 प्रतिशत है — जो भारत के आंकड़े से लगभग तीन गुना ज्यादा है।

Fuel Price Hike – पूरी तरह से देखें तो, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में बढ़ोतरी के बाद भी, 102.1 रुपये प्रति लीटर की कीमत दुनिया की उन सभी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम है जो पेट्रोल पर डायरेक्ट सब्सिडी नहीं देतीं। हर बड़ी विकसित इकोनॉमी में अब पेट्रोल 150 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा कीमत पर बिक रहा है, जबकि यूरोपीय यूनियन (EU) का औसत 179 रुपये है। भारत के दो बड़े पड़ोसी — पाकिस्तान और नेपाल — भी कम प्रति व्यक्ति आय के बावजूद 135 रुपये का आंकड़ा बहुत पहले पार कर चुके हैं।

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