छतरपुर / सागर : सागर जिले के बंडा में कथित जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के मामले ने अब प्रदेश की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। शुक्रवार देर रात छतरपुर प्रवास पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को सीधे तौर पर कटघरे में (sagar poisonous liquor case) खड़ा किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनके समर्थक इस पूरे अवैध शराब सिंडिकेट में संलिप्त हैं।
sagar poisonous liquor case – बंडा शराब त्रासदी को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है और पूर्व मुख्यमंत्री ने दौरे के दौरान प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप लगाया।दिग्विजय सिंह ने कहा, “मध्य प्रदेश में अवैध और जहरीली शराब का काला कारोबार स्थानीय नेताओं, पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के सीधे संरक्षण के बिना संभव ही नहीं है।” उन्होंने मांग की कि इस पूरे कांड की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि पर्दे के पीछे बैठे असली सरगनाओं और जिम्मेदार अधिकारियों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
25 लोगों की मौत और 120 बीमार
सागर के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब के सेवन से अब तक 25 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 120 से अधिक लोग विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। छतरपुर पुलिस व प्रशासनिक टीम ने त्वरित एक्शन लेते हुए 20 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी रवि लखेरा को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि इस पूरे कांड का मुख्य सरगना मनीष लोधी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
