कोरिया : जिला एवं अपर सत्र न्यायालय ने भतीजी और अपनी नाबालिग बेटी के साथ अनाचार करने वाले आरोपी पिता को दोनों प्रकरण में 10-10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. मामले में हैरान करने वाली बात ये है कि आरोपी को अनाचार के केस में आजीवन कारावास की सजा मिली हुई थी, जो केंद्रीय जेल अंबिकापुर में सजा काट रहा था (10 years rigorous imprisonment) और पैरोल पर छूट कर अपने घर आया हुआ था. इसी दौरान उसने बेटी और भतीजी के साथ अनैतिक काम किया और फरार हो गया.
लोक अभियोजक के मुताबिक, 11 वर्षीय नाबालिग पीड़िता ने कोरिया पुलिस में अपने साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जिसमें बताया था कि उसके पिता ने 19 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे जान से मारने की धमकी देकर घर में उसके साथ अनाचार किया है. उसके बाद 21 अक्टूबर 2024 को दोपहर में लकड़ी लेने के बहाने जंगल ले गया और वहां भी उसके साथ अनाचार किया.
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मामले में पीड़िता की उम्र 12 वर्ष से कम होने और आरोपी के संरक्षक होने के बावजूद अनैतिक कृत्य करने पर धारा 64(2), 65(2), 87, 127 बीएनएस एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 6 का अपराध पंजीबद्ध किया गया. वहीं 22 अक्टूबर 2024 को दूसरी नाबालिग 12 वर्षीय पीड़िता, जो आरोपी की भतीजी है, उसने रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके चाचा ने 21 अक्टूबर शाम करीब 5 बजे जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ गलत काम किया.
10 years rigorous imprisonment – मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की गई. कोरिया पुलिस ने उसे पकड़कर कोर्ट में पेश किया. मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायालय बैकुंठपुर ने आरोपी पिता को दोनों प्रकरण में धारा 64(2),65(2),87, 351(3), पॉक्सो एक्ट की धारा 6 में 10-10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.
