Farmers Bill 2020: तीन कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार और किसान संगठनों में विज्ञान भवन में हुई वें दौर की बैठक में भी कोई सहमति नहीं बन पाई। किसान संगठन तीन कानूनों को रद्द करने व एमएसपी पर गारंटी खरीद कानून बनाने की मांग पर अड़े रहे। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से नरम रवैया अपनाने की अपील की। इसके चलते पांच घंटे चली मैराथन बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल सका। दोनों पक्षो की सहमति पर 10वीं बैठक आगामी 19 तारीख को 12 बजे तय हुई है। बैठक समाप्त होने के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र तोमरने पत्रकारों को बताया कि शुक्रवार को बैठक में तीन कृषि कानूनों व आवश्यक खाद्य अधिनियम पर चर्चा की गई। सरकार की ओर से किसान नेताओं को तमाम बिंदुओं को विस्तारसे रखा। किसानों की हर शंका का समधान करने की कोशिश की गई।

लेकिन वार्ता किसी निर्णायक मोड परनहीं पहुंच सकी। इसलिए दोनों पक्षों की सहमति से अगली बैठक 19 जनवरी को रखी गई है। अनौपचारिक समूह बनाने का प्रस्ताव रखाः तोमर ने कहा कि किसान नेताओं के समक्ष कृषि कानूनों को लेकर अनौपचारिक समूह बनाने का प्रस्ताव रखा गया। जिससे उनकी शंकाओं को समधान किया जा सके और किसान नेता एक मसौदा तैयारकरसके। सरकार खुले मन से उसपर चर्चा के लिए तैयार है। सरकार की ओर से संयुक्त किसान मोर्चा को लिखित प्रस्ताव दिया गया था। जिसे उन्होंने नामंजूर कर दिया। सरकार का मानना है कि इस मसले का हल वार्ता से ही निकलेगा और आंदोलन समाप्त होगा। तोमरने एक बार फिर दोहराया कि इतनी ठंड और कोविड में किसान आंदोलन पर बैठे हैं, सरकार को इसकी चिंता है। इसलिए सरकार किसान नेताओं चर्चा कर रही है।
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Farmers Bill 2020: वार्ता वक्त बर्बाद करनेवाली किसान नेता हन्नान मोल्ला और दर्शनपाल ने इस वार्ता को समय नष्ट करने वाला बताया। कहा कि बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है। भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान कोर्ट की समिति के समक्ष नहीं जाएंगे। केंद्र से वार्ता करेंगे।
मसौदा दे सकते हैं किसान बैठक के बाद कृषि मंत्री ने बताया, अगली मीटिंग से पहले किसान चाहें तो एक अनौपचारिक समूह बना लें। सरकार से उनकी अपेक्षाएं क्या हैं, इस पर बात कर वो कोई मसौदा बना कर दें तो सरकार खुले मन से बात करने को तैयार है। उनकी बहुत सारी शंकाओं की हमने पहचान की है।

