फरीदाबाद: फरीदाबाद के सेक्टर-23 स्थित संजय कॉलोनी में सीबीएसई (CBSE) 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद एक छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने का बेहद दुखद मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि उक्त छात्र दो महत्वपूर्ण विषयों में पास नहीं हो पाया था, जिसके चलते वह परिणाम आने के बाद से ही गहरे मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) से गुजर रहा था। इस अप्रत्याशित घटना के बाद पूरी संजय कॉलोनी और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।

💔 दो विषयों में फेल होने से गहरे मानसिक तनाव में था रोहित: परिजनों और साथियों को नहीं था भनक कि ऐसा कदम उठा लेगा

मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, संजय कॉलोनी (सेक्टर-23) के रहने वाले छात्र रोहित चौहान ने सीबीएसई 12वीं के परीक्षा परिणाम आने के तुरंत बाद यह खौफनाक और आत्मघाती कदम उठा लिया। परिजनों और रोहित के दोस्तों के अनुसार, परीक्षा परिणाम में खुद को दो विषयों में असफल पाकर रोहित अंदर से पूरी तरह टूट चुका था और काफी निराश व अकेला रहने लगा था। हालांकि, उसके इस बदले हुए व्यवहार के बावजूद परिवार या दोस्तों में से किसी को भी यह दूर-दूर तक अंदाजा नहीं था कि वह निराशा में आकर इतना बड़ा और जानलेवा कदम उठा लेगा। यह पूरी हृदयविदारक घटना दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है।

🚔 पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा: मर्ग कायम कर हर एंगल से मामले की जांच में जुटी पुलिस टीम

घटना की भनक लगते ही घर में कोहराम मच गया और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को अपने कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अस्पताल में डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रोहित के पार्थिव शरीर को रोते-बिलखते परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।

🧠 बच्चों पर पढ़ाई और रिजल्ट के बढ़ते दबाव पर खड़े हुए गंभीर सवाल: विशेषज्ञों ने कहा—डांटने के बजाय बच्चों का बढ़ाएं हौसला

रोहित के साथ हुई इस दुखद घटना के बाद एक बार फिर आधुनिक शिक्षा प्रणाली में बच्चों पर पढ़ाई, अच्छे मार्क्स और बोर्ड रिजल्ट के बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर गंभीर सामाजिक सवाल खड़े हो रहे हैं। इस विषय पर मनोचिकित्सकों और शिक्षा विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी परीक्षा का परिणाम बच्चे की पूरी जिंदगी या उसकी काबिलियत तय नहीं कर सकता। विशेषज्ञों ने अपील की है कि माता-पिता को बच्चों के खराब परीक्षा परिणाम या असफलता पर उन्हें डांटने या प्रताड़ित करने के बजाय उनका मनोबल बढ़ाना चाहिए और उन्हें ढांढस बंधाना चाहिए। इसके साथ ही, बच्चों को भी किसी भी तरह की मानसिक परेशानी, तनाव या असफलता की स्थिति में डरने के बजाय अपने परिवार और दोस्तों से खुलकर बात करनी चाहिए।

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