पठानकोट : सिटी रेलवे स्टेशन जिसे हाल ही में 10 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक बनाया गया है, एक बार फिर उपेक्षा का शिकार होता दिख रहा है। रेलवे द्वारा नई महत्वपूर्ण ट्रेनों विशेष रूप से वन्दे भारत एक्सप्रेस का ठहराव पठानकोट कैंट स्टेशन पर दिए जाने से शहर के कारोबारी और आम नागरिक बेहद खुश है लेकिन (waiting for arrival of trains) सिटी स्टेशन को अनदेखा किए जाने से निराश भी हैं।
लोगों का कहना है कि जहां एक तरफ सिटी स्टेशन की सुंदरता पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे नई ट्रेनों से वंचित रखकर इसके अस्तित्व पर ही संकट खड़ा किया जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने एक स्वर में मांग की है कि पठानकोट सिटी स्टेशन पर भी नई ट्रेनों को रोका जाए, क्योंकि इसका सीधा असर शहर की अर्थव्यवस्था और सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा। पठानकोट सिटी रेलवे स्टेशन का ऐतिहासिक महत्व है, जबकि पठानकोट कैंट स्टेशन एक बड़ा जंक्शन होने के कारण पहले से ही काफी व्यस्त रहता है।
waiting for arrival of trains – नई ट्रेनों का सिटी स्टेशन पर न रुकना सिर्फ एक स्टॉपेज का मामला नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर शहर की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। अगर नई ट्रेनें सिटी स्टेशन पर आती तो इससे रेलवे रोड सहित आसपास के इलाकों के कारोबार में भारी उछाल आता। स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से वेंडरों, कुलियों, टैक्सी चालकों और, दुकानदारों की आमदनी में वृद्धि होती। रेलवे रोड़ सहित आसापास के बाजारों के कारोबारियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे रोड के कारोबारियों का काम बुरी तरह से प्रभावित है।पहले तीन साल तक नैरोगेज लाइन बंद रही और अब नई ट्रेन को भी सिटी स्टेशन पर शुरु न किया जाना चिंता का विषय है।

