आंखों में जलन, सांसों में घुटन और हवा में फैली धुंध… सुबह दिल्ली की सड़कों पर कदम रखते ही कुछ ऐसा ही महसूस होता है. दिल्ली में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया है, जहां अधिकतर इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है. समीर ऐप के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह (emergency level of pollution) दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में AQI 350 से 400 के बीच रहा, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह 400 का आंकड़ा पार कर गया.
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, बवाना में सबसे ज्यादा AQI 412 रिकॉर्ड किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है. वहीं वज़ीरपुर (397), रोहिणी (390), जहांगीरपुरी (389) और बुराड़ी क्रॉसिंग (389) जैसे इलाकों में भी हवा की स्थिति बेहद खराब रही.
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आनंद विहार (379), मुण्डका (377), पटपड़गंज (376), ITO (375), नरेला (368), आर.के.पुरम (363), अशोक विहार (361) और अलीपुर (360) में भी प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में रहा. वहीं कुछ क्षेत्रों जैसे आईएचबीएएस, दिलशाद गार्डन (227), एनएसआईटी द्वारका (218) और DTU (286) में हवा थोड़ी बेहतर स्थिति में दिखी, लेकिन फिर भी यह खराब श्रेणी से ऊपर रही.
emergency level of pollution – विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण की मुख्य वजह खेतों में पराली जलाना, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और ठंडी होती हवाओं के कारण प्रदूषक कणों का जमीन के पास जम जाना है. राजधानी की हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों की मात्रा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है.
