पश्चिम बंगाल में कथित कोयला तस्करी मामले में I-PAC के ऑफिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी से वहां की राजनीति में उबाल आ गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी इस छापेमारी (election call and ED’s knock) को लेकर लगातार केंद्र पर हमला कर रही है. वहीं विपक्ष भी सत्तारुढ़ पार्टी पर हमलावर है. इस बीच छापे के एक दिन बाद, इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) ने बयान जारी कर इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ और ‘चिंताजनक मिसाल’ करार दिया.

अपने ऑफिस पर ED की छापेमारी को लेकर ‘गंभीर चिंता’ जताते हुए, I-PAC ने यह साफ किया कि उसने इस दौरान जांच अधिकारियों को पूरा सहयोग दिया और ‘पेशेवर ईमानदारी के उच्चतम मानकों’ के सिद्धांतों का पालन करते हुए अपना काम जारी रखेगा.

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बयान में यह कहा गया, “I-PAC जैसे प्रोफेशनल संगठन के लिए यह बेहद मुश्किल और दुर्भाग्यपूर्ण दिन था. हमारा मानना ​​है कि इससे गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं और परेशान करने वाली परंपरा भी कायम होती है. बावजूद इसके, हमने पूरा सहयोग दिया और जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसा करना जारी रखेंगे, हम कानून के पालन और सम्मान के साथ इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे.”

election call and ED’s knock – कंपनी ने यह भी कहा कि उसने भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और शिवसेना समेत अलग-अलग विचारधारा वाले दलों के साथ पेशेवर सलाहकार के रूप में काम किया है. बयान में यह भी कहा गया, “हम चुनाव नहीं लड़ते और न ही कोई राजनीतिक पद धारण करते हैं. हमारी भूमिका पारदर्शी और पेशेवर राजनीतिक सलाह तक ही सीमित है.”

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