प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस पर शिकंजा कस लिया है. हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस लाल किला इलाके में हुए आतंकी धमाके (strike on al falah university) बाद सुर्खियों में आई थी. दरअसल, धमाका करने वाले आतंकी डॉक्टरों ने इसी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी. यूनिवर्सिटी का नाम सामने आने के बाद ED ने इसकी जांच शुरू की थी.
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ED अब धमाके की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस को मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत अटैच करने की तैयारी कर रही है. इस पूरे मामले को लेकर ED इस बात की जांच कर रही है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगाए गए फंड कथित प्रोसीड्स ऑफ क्राइम से तो नहीं आए. सूत्रों से पता चला है कि ED अधिकारियों को संंदेह है कि अवैध तरीके से जुटाई गई रकम को फरीदाबाद के धौज इलाके में स्थित यूनिवर्सिटी की इमारतों के निर्माण में खपाया गया.
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strike on al falah university – दरअसल, लाल किले के पास धमाका होने के बाद जांच के दौरान अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को नवंबर में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था. इसके बाद ED की जांच के दौरान कैंपस की कई हैरान कर देने वाली बातें सामने आई थीं. दावा है कि ED की जांच में अल फलाह ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ धोखाधड़ी की बात सामने आई थी. साथ ही पता चला था, इन शिक्षण संस्थानों के पास पढ़ाने के लिए जरूरी वैध मान्यता नहीं थी.


