पूर्वी फ्लैंडर्स (बेल्जियम): बेल्जियम के पूर्वी फ्लैंडर्स क्षेत्र में एक मकान के नवीनीकरण और मरम्मत के दौरान मजदूरों को दीवार के भीतर छिपा हुआ सोने का अकूत खजाना हाथ लगा है।

इस खजाने में शुद्ध सोने की कई ईंटें (गोल्ड बार्स) और प्राचीन सोने के सिक्के शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस बरामद सोने का कुल मूल्य लगभग 9 मिलियन यूरो यानी भारतीय मुद्रा में करीब 99 करोड़ रुपये आंका गया है। मजदूर मकान के तहखाने (बेसमेंट) में सीवर की नई पाइपलाइन डालने के लिए खुदाई कर रहे थे, तभी दीवार के भीतर बने एक गुप्त स्थान में छिपा यह खजाना सामने आया।

❓ खजाना मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल: कौन होगा 99 करोड़ के सोने का असली मालिक?

इस अप्रत्याशित खजाने के मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं।

पुलिस ने तुरंत मकान को अपने संरक्षण में लेकर विस्तृत तलाशी अभियान चलाया और बरामद संपूर्ण सोने को सुरक्षा कारणों से एक अज्ञात व सुरक्षित सरकारी वॉल्ट में रखवा दिया है। पुलिस ने आम नागरिकों और उत्सुक लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे निजी तौर पर निर्माण स्थल पर जाकर सोना खोजने अथवा अनधिकृत प्रवेश का प्रयास न करें।

👷‍♂️ 18 वर्षीय छात्र और मजदूरों की ईमानदारी: पहले सिक्का दिखा, फिर निकली सोने की ईंट

इस खजाने को तलाशने वाले मजदूरों के दल में 18 वर्षीय छात्र कोबे भी शामिल था, जो अपनी गर्मियों की छुट्टियों के दौरान पार्ट-टाइम काम कर रहा था।

कोबे ने मीडिया को बताया कि शुरुआत में खुदाई करते समय उसे लगा कि दीवार से एक यूरो का कोई सामान्य सिक्का गिरा है। किंतु जब मलबे के बीच सोने की भारी ईंट दिखाई दी, तो सभी समझ गए कि यह अत्यंत मूल्यवान खजाना है। साइट मैनेजर मारियो ने बिना किसी लालच के तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। उनका कहना था कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना छिपाना गैर-कानूनी और चोरी की श्रेणी में आता, इसलिए उन्होंने ईमानदारी से इसे प्रशासन को सौंप दिया।

🏢 चैरिटी संस्था के स्वामित्व में है मकान, सामाजिक कार्यों में उपयोग की उम्मीद

जिस भवन से यह सोना प्राप्त हुआ है, वह वर्तमान में एक चैरिटी संगठन के स्वामित्व में है।

यह संस्था डेंडर्मोंडे शहर में असहाय और जरूरतमंद नागरिकों के कल्याण के लिए काम करती है। चैरिटी संस्था के निदेशक गर्ट हिलियर्ट ने इस घटनाक्रम पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यदि विधिक रूप से यह संपत्ति संस्था को मिलती है, तो इसका पूर्ण उपयोग समाज के वंचित वर्गों की सेवा और कल्याणकारी योजनाओं में किया जाएगा।

⏳ बेल्जियम कानून: 5 साल तक असली मालिक का इंतजार, फिर होगा बंटवारा

बेल्जियम के कानूनी प्रावधानों के अनुसार, लावारिस अथवा गड़े हुए खजाने पर दावा करने के लिए असली मालिक या उसके कानूनी उत्तराधिकारियों को 5 वर्ष (1,823 दिन) की समय-सीमा दी जाती है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह सोना किसी पुराने अपराध या गैर-कानूनी गतिविधि से संबंधित तो नहीं है। यदि आगामी 5 वर्षों में कोई वैध दावेदार सामने नहीं आता है, तो स्थानीय कानून के तहत इस खजाने का मूल्य इसे खोजने वाले मजदूरों और संपत्ति के मालिक (चैरिटी संस्था) के बीच वैधानिक अनुपात में विभाजित किया जा सकता है।

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