पहले आए केबल वाले भईया और फिर केबल की जगह बड़े प्लेयर्स की DTH (डायरेक्ट-टू-होम) सर्विस ने ले ली… वो कहते हैं न कोई न कोई किसी की जगह ले ही रहा है. जिस तरह से डीटीएच (DTH’s packed game) ने केबल की जगह ली, उसी तरह से अब डीटीएच की भी जगह लेने वाला कोई मार्केट में आ गया है. पिछले पांच सालों में, हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड एक्सेस के बड़े पैमाने पर होने की वजह से DTH (डायरेक्ट-टू-होम) ऑपरेटरों के बिज़नेस में गिरावट आई है.
नए और ज्यादा सस्ते OTT (ओवर-द-टॉप) प्लेटफॉर्म आ गए हैं, अर्फोडेबल कीमत में जब लोगों को ओटीटी ऐप्स का एक्सेस मिल रहा है तो कोई क्यों नहीं लेना चाहेगा. यही वजह है कि ओटीटी के आने से DTH इंडस्ट्री को जोरदार झटका लगा है क्योंकि ओटीटी ने लोगों को डीटीएच से दूर कर दिया है. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि मनोरंजन की दुनिया में इस बड़े बदलाव की सबसे बड़ी वजह ओटीटी प्लेटफॉर्म्स का बढ़ता दबदबा और इंटरनेट की सस्ती पहुंच है. इससे एक बात तो साफ है कि लोगों का टेस्ट (लोगों के देखने का नजरिया) बदल गया है.
टेलीकॉम टॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) की हाल ही में पब्लिश हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 की तिमाही में भारत में DTH सब्सक्राइबर बेस में लगातार कमी आई है. इस तिमाही में कुल सब्सक्राइबर बेस में साल-दर-साल के हिसाब से 12.4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है जिसके बाद अब सब्सक्राइबर बेस 50.99 मिलियन हो गया है.
DTH’s packed game – नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम और डिज़नी+ हॉटस्टार जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स लोगों को ओरिजिनल कंटेंट ऑफर करते हैं. जैसे कि लोगों को इन प्लेटफॉर्म्स पर लेटेस्ट वेब सीरीज और एक्सक्लूसिव मूवीज मिलती है जिन्होंने लोगों को इस ओर स्विच किया है और लोग डीटीएच के पारंपरिक सीरियल्स से दूर हो गए हैं.


