नई दिल्ली/ढाका : बांग्लादेश में भारी उथल-पुथल के बीच रोहिंग्या मुसलमानों पर म्यांमार के रखाइन राज्य में हुए हमले में 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। यह हमला म्यांमार और बांग्लादेश की सीमा पर रखाइन प्रांत में उस समय हुआ जब रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश में घुसने की कोशिश कर रहे थे। जीवित (Drone Attack On Rohingya Muslims) बचे लोगों से इस हमले के बारे में पूछा तो उन्होंने इसके लिए अराकन आर्मी को जिम्मेदार बताया है।
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अराकन आर्मी म्यांमार में राखीन जातीय समूह की सैन्य शाखा की एक सैन्य शाखा है. हालांकि इस आर्मी ने हमले की किसी भी तरह की जिम्मेदारी से इनकार किया है. ये हमला तब हुआ जब कुछ रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश की सीमा से सटे इलाके में एक नदी के पास नाव का इंतजार कर रहे थे. ये हमला म्यांमार के पश्चिमी रखाइन राज्य में बांग्लादेश की सीमा के पास हुआ है. लोग बचने के लिए सीधे नदी में कूद गए. ये लोग बांग्लादेश में नफ नदी पार करके माउंगडॉ शहर में भीषण लड़ाई से भागने की कोशिश कर रहे थे।
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Drone Attack On Rohingya Muslims – अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सहायता समूह, डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स द्वारा शुक्रवार, 9 अगस्त को जारी एक बयान में कहा गया है कि वह रोहिंग्या मुसलमानों पर हुए हमलों के बाद उनका इलाज कर रही है और चोटिल लोगों की तादाद लगातार बढ़ रही है. जिनका इलाज चल रहा है वे वैसे लोग हैं जो बांग्लादेश की सीमा पार करने में कामयाब रहे हैं।

