मध्य प्रदेश के ग्वालियर में डॉक्टरों ( docter declared in gwalior) की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्वालियर चंबल अंचल के सबसे बड़े जयारोग्य अस्पताल में डॉक्टरों ने एक जीवित महिला को मृत घोषित कर दिया।। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने महिला को मृत मानकर परिजनों से शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखने के लिए कहा। जब परिजन महिला के शव को पोस्टमार्टम हाउस लेकर गए और उसके बाद महिला के पति निरपत सिंह राजपूत ने जब अपनी पत्नी के सीने पर हाथ रखा तो उन्हें पत्नी के दिल की धड़कन चलती हुई महसूस हुई।
अपनी पत्नी की धड़कन को महसूस कर उनके पति दंग रह गये। उसके बाद वहां भीड़ इकट्ठी हो गई। परिजन तत्काल महिला को अस्पताल लेकर आए और इलाज शुरू करवाया। उत्तर प्रदेश के रहने वाले महिला के पति निरपत सिंह राजपूत ने बताया कि उसकी पत्नी रामवती का 2 दिन पहले एक्सीडेंट हो गया था। उसके बाद उन्हें झांसी में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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गंभीर हालत में उन्हें शुक्रवार की रात ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। लेकिन अहले सुबह 4 बजे महिला को एन्थिसिया के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसके बाद डॉक्टर के निर्देश पर परिजनों ने महिला के शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया।
Docter Declared In Gwalior – जब परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो महिला के पति निरपत सिंह ने उनके सीने पर हाथ रखा तो महिला की सांसे चल रही थीं। इसके बाद महिला के परिजन अस्पताल में हंगामा करने लगे। आननफानन में महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल अभी महिला का इलाज जारी है।
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इस मामले को लेकर खुद स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने नाराजगी जताई है और कहा है कि मामले में जो भी दोषी होगा उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जयारोग्य अस्पताल के अधीक्षक डॉ आरकेएस धाकड़ का कहना है कि इस मामले को लेकर जांच कमेटी बना दी गई है और जांच की जा रही है इसको जो भी दोषी होगा उन पर कार्रवाई की जाएगी।

