आज के समय में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो प्रेमानंद जी महाराज को नहीं जानता होगा. वृंदावन के प्रसिद्ध संत और आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद जी महाराज अपने ज्ञान से हजारों-लाखों लोगों का मार्गदर्शन करते हैं और जीवन के संकटों से निजात पाने का उपाय भी बताते हैं. अक्सर कोई परेशानी या संकट आने पर (contradictory solutions) जब व्यक्ति किसी संत के पास जाता है, तो वह उसे अलग उपाय बताते हैं और ज्योतिष शास्त्र कुछ अन्य उपाय बताता है. ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए, यह प्रेमानंद महाराज जी ने बताया है.

संकट में किसकी सुनें?

हाल ही में एक प्रवचन के दौरान प्रेमानंद महाराज ने एक भक्त ने सवाल किया कि महाराज जी जब कोई संकट आता है तो साधु-संत और ज्योतिषाचार्य सब अलग-अलग उपाय और मंत्र बताते हैं. तो ऐसे समय में बड़ा भ्रम से हो जाता है कि किसकी सुनें और किसकी नहीं.

सिर्फ भजन टाल सकता है संकट

इस सवाल पर प्रेमानंद महाराज जी ने कहा, “आपके भजन के बिना कोई भी आपके संकट को नहीं टाल सकता है. कोई आपकी परेशानी दूर करने का कहकर आपसे पैसे भले ही ले ले, लेकिन (contradictory solutions) आपके संकट को नहीं टाल सकता है. सिर्फ आपका भजन ही आपके संकट को टाल सकता है.”

प्रेमानंद महाराज ने बताया उपाय

प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि जब कोई समस्या आई तो हम घबराकर सोचते हैं कि भगवान पता नहीं सुना या न सुने, यह सोचकर इधर-उधर हल ढूंढने के लिए भागने लगते हैं. कोई कहेगा तेल चढ़ाओ, कोई कहेगा वह चढ़ाओ तो कोई कुछ और ही उपाय बताएगा. ऐसे में संकट में इधर-उधर जाने से अच्छा है केवल राधा राधा जपो, क्योंकि जहां राधा है वहां कोई बाधा नहीं है. आप खुद इसे आजमा कर देख लीजिए.

 

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