उज्जैन : पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण में चंदा चोरी और उज्जैन में जमीन खरीद-फरोख्त के मामले को लेकर सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने (donation theft in Ayodhya temple) आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे ‘सत्ता के लिए धर्म का इस्तेमाल’ करार दिया है।

दिग्विजय सिंह ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि चंदा चोरी के दौरान सीसीटीवी कैमरे क्यों बंद कराए गए? उन्होंने आरोप लगाया कि 70 करोड़ हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने आगे कहा, “इस ट्रस्ट का गठन पीएम मोदी के कहने पर हुआ था, इसलिए चंदा चोरी की जिम्मेदारी सीधे पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर भी बनती है।”

donation theft in Ayodhya temple – उज्जैन में कथित जमीन घोटाले को लेकर दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को घेरा। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए दावा किया कि इसमें सीएम के करीबियों के नाम शामिल हैं। दिग्विजय सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा, “मैं सीएम मोहन यादव को सलाह देता हूं कि वे गलत कामों से दूर रहें। हम इस मामले को बख्शेंगे नहीं और पूरी कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।”

 महाकाल मंदिर पर आरएसएस के कब्जे का आरोप

महाकाल मंदिर को लेकर पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि आरएसएस और विहिप ने मंदिर प्रबंधन और उसकी संपत्तियों पर अनैतिक कब्जा कर रखा है। उन्होंने दावा किया कि आज स्थिति यह है कि बजरंग दल की सिफारिश के बिना भस्म आरती तक मिलना मुश्किल हो गया है। सिंह ने आरोप लगाया कि आरएसएस की संस्थाएं मंदिर की जमीन का व्यावसायिक उपयोग कर लाभ उठा रही हैं।

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