धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले स्थित बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों का गुस्सा इन दिनों प्रशासनिक आदेश के चलते सातवें आसमान पर है। दरअसल, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विधि संकाय (लॉ डिपार्टमेंट) में कार्यरत प्राध्यापकों को नए महाविद्यालय कुरूद में अस्थायी रूप से पदस्थ किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। आगामी 15 नवंबर से विद्यार्थियों की परीक्षाएं सिर पर हैं, ऐसे में ठीक परीक्षा के (law students got angry) मुहाने पर शिक्षकों के तबादले की खबर से छात्र-छात्राओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। अपनी इसी समस्या को लेकर आक्रोशित छात्रों ने नगर निगम पहुंचकर महापौर रामू रोहरा को एक ज्ञापन सौंपा और तत्काल प्रभाव से यह ट्रांसफर आदेश निरस्त करने की पुरजोर मांग की है।
law students got angry – प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि धमतरी पीजी कॉलेज के विधि संकाय के अंतर्गत बीएएलएलबी (BALLB) पाठ्यक्रम में कुल 240 छात्र अध्ययनरत हैं। कॉलेज में विधि विषय पढ़ाने के लिए पहले से ही सात सहायक प्राध्यापक नियुक्त हैं, जिनमें से अचानक 6 प्राध्यापकों का अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया गया है। छात्रों का तर्क है कि कुरूद स्थित नए महाविद्यालय में अभी विधि पाठ्यक्रम का विधिवत संचालन पूरी तरह से शुरू भी नहीं हुआ है।
महापौर रामू रोहरा ने दिया आश्वासन, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न होने की कही बात
विद्यार्थियों द्वारा अपनी समस्या और ज्ञापन सौंपे जाने के बाद धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने पूरी बात गंभीरता से सुनी। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि विधि संकाय के छात्र-छात्राओं ने अपनी इस परेशानी से अवगत कराया है कि आगामी 15 नवंबर से उनकी परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं और ऐसे वक्त में प्राध्यापकों का कुरूद तबादला होने से उनकी पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ेगा।


