छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसने व्यापारिक विश्वास को गहरा झटका दिया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर बाजार स्थित ‘संचेती ज्वेलर्स’ के मालिक जसराज जैन के साथ करीब 70 लाख रुपये की ठगी हुई है। उनकी दुकान में बरसों से कार्यरत कारीगर के बेटे हेमंत सोनी पर जेवर और नकद राशि लेकर फरार होने का आरोप है।
믿 (भरोसे) पर चला काम, मिला धोखा
सराफा कारोबारी जसराज जैन ने बताया कि आरोपी हेमंत सोनी के पिता चिंतामणि सोनी पिछले 40 वर्षों से उनकी दुकान में भरोसेमंद कारीगर थे। इसी पुराने विश्वास के नाते उन्होंने हेमंत को भी बिक्री के लिए सोने-चांदी के जेवर देना शुरू किया था। पीड़ित के अनुसार, फरवरी 2026 में हेमंत को 34 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवर दिए गए थे, जिनमें से 19 लाख रुपये अभी भी बकाया थे। इसके बाद 2 मार्च 2026 को हेमंत बिक्री और प्रदर्शन के नाम पर 51 लाख रुपये कीमत के 13 सोने के हार लेकर गया और उसके बाद से गायब हो गया।
📱 संपर्क टूटा और खुला ठगी का राज
लंबे समय तक भुगतान का आश्वासन देने के बाद हेमंत ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया। कुल मिलाकर, आरोपी पर 70 लाख 1 हजार 603 रुपये मूल्य के जेवर और राशि लेकर भागने का आरोप है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी के पिता चिंतामणि सोनी ने भी अपने बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।
🚔 पुलिस की कार्रवाई
धमतरी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) शैलेन्द्र पांडेय ने पुष्टि की है कि आरोपी हेमंत सोनी के खिलाफ धोखाधड़ी (420) का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने और उसे गिरफ्तार करने के लिए गहन जांच कर रही है। व्यापारिक जगत में इस घटना के बाद से सराफा व्यापारियों के बीच सतर्कता बरतने की चर्चा तेज हो गई है।
संपादकीय टिप्पणी: व्यापार में विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है, लेकिन इस घटना ने यह साबित किया है कि आर्थिक लेन-देन में सावधानी और पारदर्शी रिकॉर्ड रखना कितना आवश्यक है। क्या आपको लगता है कि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सराफा कारोबारियों को अब डिजिटल ट्रैकिंग और सख्त कानूनी अनुबंधों (Contracts) को अनिवार्य करना चाहिए? अपने विचार नीचे साझा करें।


