डेराबस्सी पुलिस थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर सिविल अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. जोत नूर पर हुए हमले ने शहर की कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से आक्रोशित अस्पताल के सभी डॉक्टरों और स्टाफ ने विरोध स्वरूप OPD सेवाएं बंद कर (deadly attack on doctor) अस्पताल के अंदर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
🔎 क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार सुबह जब डॉ. जोत नूर अपनी कार पार्क कर अस्पताल ड्यूटी पर जा रहे थे, तब दो अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें रोककर उनका पेशा पूछा। डॉक्टर द्वारा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ होने की बात कहने के तुरंत बाद हमलावरों ने उनसे धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह अपनी जान बचाकर डॉक्टर अपनी गाड़ी में बैठने (deadly attack on doctor) में सफल रहे, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए।
⚖️ कार्रवाई न होने पर डॉक्टर्स का गुस्सा
डॉक्टरों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने अब तक न तो हमलावरों की पहचान की है और न ही उन्हें पकड़ने में कोई तत्परता दिखाई है। उन्होंने कहा कि हेल्थ वर्कर्स पर लगातार हो रहे ये हमले चिंताजनक हैं। पहले भी कई बार ऐसी बदसलूकी की घटनाएं हुई हैं, लेकिन दोषियों पर सख्ती न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
