मोहाली: मोहाली में सेवा केंद्रों में काम करने वाले कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। बुधवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी डी.सी. ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए, जिससे सेवा केंद्रों पर आने वाले लोगों को अपने जरूरी कामों के लिए मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। हड़ताल के कारण पूरे जिले में सरकारी सेवाओं का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
🛠️ कर्मचारियों का आरोप: निजी कंपनी और देरी से वेतन की मार
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार और प्रशासन पर अपनी अनदेखी का आरोप लगाया है। उनकी मुख्य समस्याओं में शामिल हैं:
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निजी कंपनी आधारित व्यवस्था: कर्मचारियों का कहना है कि सेवा केंद्र निजी कंपनियों के अधीन हैं, जिससे उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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वेतन संबंधी समस्याएं: वेतन का समय पर न मिलना और लंबे समय से वेतन में कोई वृद्धि न होना उनके लिए आर्थिक संकट का कारण बन रहा है।
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ठेकेदारी प्रथा: प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने ठेकेदारी प्रथा को तत्काल खत्म करने की मांग की है।
⚖️ क्या है कर्मचारियों की मुख्य मांग?
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें सरकारी विभाग के अधीन सीधे कार्यरत किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि यदि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलता है, तो न केवल उन्हें समय पर वेतन मिलेगा, बल्कि अन्य सरकारी भत्तों और सुरक्षा का लाभ भी प्राप्त होगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि सरकार उनकी मांगें मान लेती है, तो वे पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करेंगे ताकि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
⚠️ सरकार को चेतावनी: राज्यभर में हड़ताल की दी धमकी
डी.सी. ऑफिस के बाहर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगे जल्द पूरी नहीं की गईं, तो यह आंदोलन केवल मोहाली तक सीमित नहीं रहेगा। हड़ताली कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि वे राज्यभर में ‘कलम छोड़ हड़ताल’ शुरू कर देंगे। यदि ऐसा होता है, तो पंजाब भर के सेवा केंद्रों में सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाएंगी, जिससे आम नागरिकों की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं।


