देवघर। त्योहारों का सीजन शुरू होते ही देवघर के बाजारों में मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की मांग तेजी से बढ़ गई है। मिलावटखोरी के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के कड़े निर्देशों के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की 6 सदस्यीय विशेष टीम पूरे जिले में ताबड़तोड़ जांच अभियान चला रही है। राजकीय श्रावणी मेले के अनुभवों और हाल ही में मिली शिकायतों के आधार पर इस बार जांच का दायरा बड़े होटलों से लेकर ठेले-खोमचे वालों तक बढ़ा दिया गया है।

🥛 बिहार से आने वाले खोया और दूध से बनी मिठाइयों पर विशेष निगरानी, छठ तक चलेगा अभियान

जिला खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर कुमार ने बताया कि यह अभियान दुर्गा पूजा से शुरू होकर छठ पूजा तक निरंतर जारी रहेगा। त्योहारों के दौरान दूसरे राज्यों, विशेष रूप से बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले खोया और दूध से बने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कड़ी नजर रखी जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी दुकानदार या होटल संचालक दूध या खोया में किसी भी प्रकार की मिलावट करते पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

⚠️ छोले में मिला खतरनाक औरामीन और सिंथेटिक चाक पाउडर, अखबार में खाना परोसने पर भी रोक

विभागीय निरीक्षण के दौरान मोहनपुर, मधुपुर और घोरमारा क्षेत्रों में कुछ दुकानों के छोले में औरामीन और सिंथेटिक चाक पाउडर जैसे नुकसानदेह रसायनों की मिलावट पाई गई है, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग ने ठेले और खोमचे वालों को खाने की चीजें अखबार या प्रिंटेड पेपर में परोसने से सख्ती से मना किया है, क्योंकि अखबार की स्याही में मौजूद हानिकारक रसायन सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है।

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