नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली की सड़कें अब जल्द ही अत्याधुनिक और आधुनिक स्मार्ट LED रोशनी की दूधिया चमक से सराबोर नजर आने वाली हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को (smart led scheme approved) आयोजित व्यय वित्त समिति (EFC) की एक महत्वपूर्ण हाइब्रिड बैठक में दिल्ली की सभी पुरानी स्ट्रीट लाइटों को हटाकर उन्हें उन्नत स्मार्ट LED प्रणाली में बदलने की महत्वाकांक्षी परियोजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है।
💡 सड़कों पर लगीं 96 हजार पुरानी लाइटें होंगी हाई-टेक
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में पीडब्ल्यूडी की प्रमुख सड़कों पर लगभग 45 हजार पुरानी एचपीएसवी (हाई प्रेशर सोडियम वेपोर) लाइटें और करीब 51 हजार सामान्य एचपीएसवी LED लाइटें काम कर रही हैं। कुल मिलाकर लगभग 96 हजार लाइटें और 51,160 से अधिक बिजली के पोल इस पूरे सरकारी नेटवर्क का हिस्सा हैं।
smart led scheme approved – इस योजना के मुख्य उद्देश्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में लागू पुरानी व्यवस्था में कई गंभीर तकनीकी समस्याएं आ रही थीं:
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सुरक्षा को खतरा: इसके कारण कई प्रमुख चौकों और संवेदनशील स्थानों पर लंबे समय तक अंधेरा (डार्क स्पॉट) छाया रहता था, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा और विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा प्रभावित होती थी।
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प्रकाश प्रदूषण और अधिक खर्च: अलग-अलग प्रकार की लाइटों के कारण सड़कों पर प्रकाश की गुणवत्ता में असमानता रहती थी, जिससे बिजली की खपत और प्रकाश प्रदूषण जैसी समस्याएं भी बढ़ रही थीं।
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💰 दीवाली तक पूरी तरह से ‘डार्क स्पॉट मुक्त’ बनेगी दिल्ली
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी रेखांकित किया कि वित्तीय और आर्थिक दृष्टि से यह दूरदर्शी परियोजना दिल्ली सरकार के लिए दीर्घकालिक बचत का एक बड़ा माध्यम साबित होगी। इस नई स्मार्ट प्रणाली के पूरी तरह लागू होने के बाद दिल्ली सरकार को हर वर्ष लगभग 25 करोड़ रुपये की बिजली बिल की सीधी बचत होगी। अगले पांच वर्षों की अवधि में वर्तमान व्यवस्था की तुलना में बिजली खर्च में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।


