दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत और जन-सुलभ बनाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब दिल्ली के सभी थानों में हर शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ‘थाना दिवस-जनसुनवाई’ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान नागरिक अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे।
📋 जनसुनवाई का प्रभावी क्रियान्वयन
नए आदेशानुसार, अब शिकायत का ICMS पोर्टल पर दर्ज होना अनिवार्य नहीं है; हर शिकायत सुनी जाएगी और बाद में उसे सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की जवाबदेही SHO, ACP और DCP स्तर के अधिकारियों की होगी। थानों में नागरिकों के बैठने की व्यवस्था और सहायता डेस्क को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पुलिस-जनता के बीच विश्वास बढ़े।
⚠️ लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों के प्रति उदासीन रवैया या देरी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जनसुनवाई में लापरवाही बरती गई, तो संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस पहल का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए RWA, MWA और सोशल मीडिया का सहयोग लिया जा रहा है।
🚶 पैदल गश्त से सुधरेगी व्यवस्था
अपराध और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी को अब सप्ताह में दो दिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक अनिवार्य रूप से ‘संयुक्त पैदल गश्त’ करनी होगी। इस दौरान किसी भी तरह की ऑफिस मीटिंग या कॉन्फ्रेंस पर रोक रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गश्त के दौरान स्थानीय व्यापारियों और रेजिडेंट्स से मिलकर उनकी सुरक्षा संबंधी समस्याओं को सुलझाएं और सड़कों से अतिक्रमण हटाकर ट्रैफिक जाम जैसी चुनौतियों को दूर करें।


