लुधियाना (पंजाब): महानगर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण लुधियाना रेलवे स्टेशन के विश्वस्तरीय पुनर्विकास (Redevelopment) प्रोजेक्ट की गति धीमी होने के चलते इसकी पूर्णता तिथि एक बार फिर आगे बढ़ गई है।

फिरोजपुर रेल मंडल के अधिकारियों के अनुसार, कुल ₹528.95 करोड़ के बजट वाले इस बड़े प्रोजेक्ट का अब तक लगभग 58 प्रतिशत निर्माण कार्य ही पूरा हो सका है, जबकि 42 प्रतिशत कार्य अभी शेष है। वर्तमान प्रगति को देखते हुए अब यह प्रोजेक्ट जून 2027 तक मुकम्मल होने का अनुमान है।

⏳ लगातार टल रही डेडलाइन: अप्रैल 2026 से खिसककर जून 2027 पहुंची समयसीमा

ईपीसी (EPC) मॉडल पर आधारित इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समयसीमा में कई बार बदलाव करना पड़ा है:

  • शुरुआती लक्ष्य: पहले इस प्रोजेक्ट को अगस्त 2025 और बाद में संशोधित कर अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

  • दूसरी बार संशोधन: जमीनी अड़चनों के कारण समयसीमा बढ़ाकर दिसंबर 2026 तय की गई थी।

  • नई डेडलाइन: 42 प्रतिशत बचे हुए भारी निर्माण कार्य को देखते हुए रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इसे पूरी तरह तैयार होने में अब जून 2027 तक का समय लगेगा।

📉 17 महीनों में सिर्फ 14% काम, प्रोजेक्ट की सुस्त रफ्तार से बढ़ा इंतजार

परियोजना के निर्माण कार्यों की गति को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता बनी हुई है:

  • धीमी प्रगति: फरवरी 2025 की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार स्टेशन का करीब 44 प्रतिशत ढांचागत काम पूरा हुआ था।

  • कम बढ़ोतरी: पिछले 17 महीनों (लगभग 1 वर्ष 5 माह) में केवल 14 प्रतिशत अतिरिक्त काम हुआ, जिससे कुल प्रगति 58 प्रतिशत तक ही पहुंच सकी है।

🚆 ‘ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट’ और 24 घंटे चलने वाला ट्रेन ट्रैफिक बना बड़ी चुनौती

रेलवे निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने प्रोजेक्ट में हो रही देरी के मुख्य तकनीकी कारण स्पष्ट किए हैं:

  • दफ्तरों की शिफ्टिंग: यह एक चालू स्टेशन पर ‘ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट’ है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले कई मुख्य रेलवे कार्यालयों और आवश्यक सेवाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित करने में करीब एक साल का समय लगा, जिससे वास्तविक निर्माण मार्च 2023 की जगह 2024 में शुरू हो सका।

  • यात्री सुरक्षा और निरंतर संचालन: 24 घंटे लगातार ट्रेनों की आवाजाही और हजारों यात्रियों की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए निर्माण कार्य चलाना तकनीकी दृष्टि से चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

🚗 यात्रियों को बड़ी राहत: लंबे समय बाद आज से स्टेशन पार्किंग सेवा बहाल

निर्माण कार्य के दौरान स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है:

  • पार्किंग का संकट खत्म: पुनर्विकास के चलते बंद पड़ी स्टेशन पार्किंग को आज से आम जनता और यात्रियों के लिए फिर से खोल दिया गया है।

  • वाहनों की सुगम आवाजाही: पार्किंग बहाल होने से सर्कुलेटिंग एरिया में लगने वाले जाम और वाहन चालकों को होने वाली दिक्कतों से बड़ी राहत मिलेगी।

🏢 क्या बनकर तैयार हुआ और किन निर्माण कार्यों पर चल रहा काम?

स्टेशन परिसर में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का ढांचा तेजी से आकार ले रहा है:

  • तैयार स्ट्रक्चर: 3 मंजिला मल्टी-लेवल कार पार्किंग (MLCP) का बुनियादी ढांचा और नया अत्याधुनिक रेलवे अस्पताल भवन बनकर तैयार हो चुका है।

  • प्रगतिरत कार्य: मुख्य प्रवेश द्वार की तरफ 6 मंजिला भव्य स्टेशन भवन, सिविल लाइंस की तरफ 3 मंजिला विंग, आधुनिक गेस्ट हाउस और रेलवे कर्मचारियों के लिए करीब 130 आधुनिक क्वार्टर का निर्माण तेजी से जारी है।

🌟 विश्वस्तरीय लुधियाना रेलवे स्टेशन की प्रमुख खूबियां

पुनर्विकास पूरा होने के बाद स्टेशन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध होंगी:

  • ग्रीन बिल्डिंग सर्टिफिकेशन: ईस्ट और वेस्ट—दोनों दिशाओं में नए मुख्य स्टेशन भवन बन रहे हैं, जिन्हें पर्यावरण अनुकूल ‘गोल्ड रेटिंग’ ग्रीन बिल्डिंग मानकों पर तैयार किया जा रहा है।

  • एलिवेटेड रोड नेटवर्क: स्टेशन परिसर तक सीधे पहुंचने के लिए विशेष एलिवेटेड रोड बनाई जा रही है, जिससे मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक जाम नहीं लगेगा।

  • अलग एंट्री और एग्जिट: यात्रियों के आगमन (Arrival) और प्रस्थान (Departure) के लिए पूर्णतः अलग-अलग कॉरिडोर और दूसरी मुख्य एंट्री बनाई जा रही है।

  • विशाल पार्किंग क्षमता: 3 मंजिला मल्टी-लेवल पार्किंग के साथ-साथ लगभग 1.30 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में खुला सरफेस पार्किंग स्पेस उपलब्ध कराया जाएगा।

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