लुधियाना (पंजाब): महानगर के पॉश इलाके सिविल लाइंस क्षेत्र में मोबाइल टावरों से कीमती तकनीकी उपकरण चुराने वाले एक शातिर गिरोह की सक्रियता सामने आई है।

बिंद्राबन रोड पर स्थित सतलुज टावर नामक बहुमंजिला इमारत की छत पर लगे एयरटेल के मोबाइल टावर पर चोरों ने धावा बोला। अज्ञात शातिर चोर टावर पर स्थापित बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) बॉक्स के मजबूत ताले कटर से काटकर उसमें लगे लाखों रुपये के कीमती इलेक्ट्रॉनिक कार्ड चुराकर फरार हो गए। इंडस टावर कंपनी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर की औपचारिक शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है।

📞 नेटवर्क में तकनीकी खराबी आने पर हुआ चोरी का खुलासा

घटना की जानकारी तब सामने आई जब संबंधित क्षेत्र में एयरटेल नेटवर्क की फ्रीक्वेंसी में अचानक तकनीकी बाधा उत्पन्न हुई:

  • तकनीशियन का अलर्ट: शिकायतकर्ता चरणजीत सिंह (सिक्योरिटी सुपरवाइजर, इंडस टावर लिमिटेड) ने बताया कि 13 अप्रैल को शाम लगभग 04:00 बजे कंपनी के फील्ड टेक्नीशियन का फोन आया कि टावर साइट पर सिग्नल ड्रॉप और तकनीकी खराबी आ रही है।

  • मौके पर जांच: सूचना मिलते ही सुपरवाइजर जब तकनीकी टीम के साथ सतलुज टावर की छत पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए।

🔧 कटर से काटे गए ताले, एयरटेल/सैमसंग GUC-BBU के 2 कीमती कार्ड गायब

चोरों ने पूरी तकनीकी जानकारी और योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया:

  • कटर का इस्तेमाल: टावर पर लगे सुरक्षित बीटीएस (BTS) बॉक्स के ताले धातु काटने वाले विशेष कटर से सफाई से कटे हुए पाए गए।

  • सामान की चोरी: बॉक्स खोलकर जांच करने पर पता चला कि उसमें से अत्यधिक संवेदनशील और महंगे Airtel/Samsung GUC-BBU कार्ड के 2 पीस गायब थे।

  • तकनीकी जानकारी का संदेह: जिस सफाई से केवल मुख्य कार्ड निकाले गए, उससे आशंका जताई जा रही है कि गिरोह में टेलीकॉम उपकरणों की अच्छी समझ रखने वाले लोग शामिल हैं।

📹 अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

इंडस टावर प्रबंधन की शिकायत पर स्थानीय थाना पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है:

  • प्राथमिकी दर्ज: पुलिस ने सिक्योरिटी सुपरवाइजर चरणजीत सिंह के बयानों के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।

  • कैमरों की पड़ताल: पुलिस अधिकारी इमारत की सीढ़ियों, छत के रास्तों और बिंद्राबन रोड के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि संदिग्धों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

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