राजस्थान के दौसा जिले के बहुचर्चित रामगढ़ पचवारा गैंगरेप व हत्याकांड मामले में लालसोट स्थित एडीजे कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. न्यायाधीश ऋतु चौधरी ने आरोपी संजू मीणा और कालू मीणा को मृत्युदंड से दंडित किया. बताया जा रहा है कि दौसा जिले के इतिहास में (Dausa murder mystery) यह पहला अवसर है जब किसी मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है. यह सनसनीखेज वारदात 23 फरवरी 2022 को रामगढ़ पचवारा थाना क्षेत्र में हुई थी.
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अभियोजन पक्ष के अनुसार जयपुर से अपने पीहर जा रही महिला को रास्ते में कार सवार आरोपियों ने लिफ्ट देने के बहाने बैठाया और उसका अपहरण कर लिया. इसके बाद आरोपियों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से महिला के शव को एक कुएं में फेंक दिया गया था. घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था.
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Dausa murder mystery – मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी ने विस्तृत अनुसंधान कर आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य एकत्रित किए और न्यायालय में चालान पेश किया. पुलिस अनुसंधान में दो महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे जिसमें महिला को लिफ्ट देने वाला सीसीटीवी वीडियो और एक नाबालिक बच्चा जिसे भी लिफ्ट दी गई थी लेकिन आरोपियों ने उसे बच्चे को उसके गांव में उतार दिया और महिला को आगे ले गए और उसके बाद इस तरह की वारदात को अंजाम दिया.


